रायबरेली। जनपद में शनिवार को सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाया गया। जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने प्रतीक झंडा लगवाकर और स्वैच्छिक दान देकर धन संग्रह अभियान की औपचारिक शुरुआत की।
डीएम हर्षिता माथुर ने जनपदवासियों को संदेश देते हुए कहा कि सीमा पर तैनात जवानों के त्याग और बलिदान के प्रति सम्मान प्रकट करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने वीर नारियों, युद्ध में घायल एवं दिव्यांग सैनिकों तथा शहीद परिवारों की सहायता के लिए अधिक से अधिक योगदान देने की अपील की।
जिलाधिकारी ने कहा, “हमारी सुरक्षा में अपने प्राण न्यौछावर करने वाले सैनिकों के प्रति यह हमारा नैतिक ऋण है। समाज को उनके परिवारों की सहायता के कार्य में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभानी चाहिए।”
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी के बाद जिला जज अमित पाल सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह, एएसपी संजीव सिन्हा, नगर मजिस्ट्रेट राम अवतार, और अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों को भी प्रतीक झंडा लगाया गया तथा दान राशि एकत्र की गई।
66 यूपी बटालियन एनसीसी के कैडेटों ने शहर के मुख्य बाजारों और विभिन्न सरकारी कार्यालयों में पहुंचकर लोगों से झंडा दिवस के लिए सहयोग मांगा और धन संग्रह किया।
इस दिवस का महत्व
सशस्त्र सेना झंडा दिवस वर्ष 1949 से प्रत्येक वर्ष 07 दिसंबर को मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य युद्ध एवं ड्यूटी के दौरान वीरगति को प्राप्त सैनिकों के आश्रितों, अपंग जवानों और पूर्व सैनिकों के पुनर्वास के लिए जनसहयोग जुटाना है।
जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय के समस्त स्टाफ और जनपद के पूर्व सैनिकों की सक्रिय भागीदारी इस अभियान में महत्वपूर्ण रही।


















