रायबरेली। जनपद में बकरी पालन व्यवसाय को प्रोत्साहन देते हुए पशुपालन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। जिले के पशुधन प्रसार अधिकारियों और पशु चिकित्सकों को बकरियों में नि:शुल्क कृत्रिम गर्भाधान कराने के लिए ए.आई. किट और कंटेनर उपलब्ध करा दिए गए हैं। इस सुविधा से जिले की लगभग दो लाख बकरियों और पशुपालकों को सीधे लाभ पहुंचेगा।
यह व्यवस्था रायबरेली के डिग्री कॉलेज चौराहा स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय, सदर परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शुरू की गई। पशुपालन विभाग का लक्ष्य है कि उच्च नस्ल की बकरियों का उत्पादन बढ़ाकर पशुपालकों की आय में वृद्धि की जाए।
उच्च नस्लों से होगा आच्छादन
कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से बकरियों को निम्नलिखित प्रीमियम नस्लों से आच्छादित किया जाएगा:
• जमुनापारी
• बरबरी
• बीतल
• सिरोही
इन नस्लों से जन्म लेने वाली संतानों का वजन और उत्पादन क्षमता अधिक होती है, जिससे बकरी पालन एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में उभरता है।
10 पशु सेवा केंद्र और 4 पशु चिकित्सालयों में सुविधा
जिले के विभिन्न विकासखंडों में स्थित 10 पशु सेवा केंद्रों और 4 सरकारी पशु चिकित्सालयों को यह उपकरण वितरित किए गए हैं। पशुपालक अपने क्षेत्र के केंद्रों पर पहुंचकर बिना किसी शुल्क के इस सेवा का लाभ उठा सकेंगे।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. कुलदीप द्विवेदी ने कहा कि यह पहल बकरीपालकों की आर्थिक स्थिति मजबूत करेगी और जनपद में स्थापित पशुधन विकास लक्ष्यों को नई गति देगी।
इस अवसर पर उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार सिंह, चीफ वेट फार्मासिस्ट अशोक कुमार दूबे सहित पशुधन प्रसार अधिकारी एवं अन्य कर्मी मौजूद रहे।


















