रायबरेली। विश्व मानवाधिकार दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायबरेली द्वारा तहसील महराजगंज के अंतर्गत विकास खण्ड बछरावाँ में विशेष विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश और मा. जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रायबरेली अमित पाल सिंह के मार्गदर्शन में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का आयोजन श्री गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज, बछरावाँ के सहयोग से किया गया, जिसमें विद्यालय के एनसीसी कैडेटों ने उत्साहपूर्ण भागीदारी की और मानवाधिकार जागरूकता का संदेश दिया।
अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अनुपम शौर्य ने मानवाधिकार दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिवस 10 दिसंबर 1948 को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा को अपनाए जाने की याद दिलाता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 की थीम ‘मानवाधिकार हमारी दैनिक आवश्यकताएँ’ रखी गई है, जो इस बात पर जोर देती है कि मानवाधिकार हमें बेहतर भविष्य और सम्मानजनक जीवन के लिए सशक्त बनाते हैं।
उन्होंने कहा कि मानवाधिकार हमें स्वतंत्र रूप से अभिव्यक्ति, सम्मान के साथ जीवन, और बिना किसी भय के सपने देखने की स्वतंत्रता प्रदान करते हैं। समाज को इन मूल्यों से जोड़कर जागरूकता, आत्मविश्वास और सामूहिक कार्रवाई को प्रेरित किया जा सकता है, ताकि वैश्विक स्तर पर मानवाधिकारों के संरक्षण का मजबूत आंदोलन स्थापित हो सके।
कार्यक्रम में पराविधिक स्वयंसेवक बृजपाल ने मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा में दिए गए अधिकारों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह घोषणा किसी भी आधार पर भेदभाव किए बिना हर व्यक्ति के मौलिक अधिकारों की गारंटी देती है।
इस अवसर पर खण्ड विकास अधिकारी बछरावाँ शिवबहादुर सिंह, एडीओ डिम्पल रावत, एडीओ (आईएसबी) एचएन सिंह, एडीओ समाज कल्याण, मानवाधिकार कार्यकर्ता जालिपा प्रसाद, रामकुमार, सुशील कुमार, दीक्षा, ज्योति वर्मा, ज्योतिमा, अतीक अहमद सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।


















