शकील अहमद
लखनऊ। राजधानी लखनऊ को दीर्घकालिक रूप से सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुगम यातायात व्यवस्था से लैस करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 20-वर्षीय Integrated Traffic & Urban Mobility Strategy का विस्तृत प्रस्ताव सौंपा है।
प्रस्ताव का उद्देश्य राजधानी में बढ़ते वाहनों, जाम और सड़क सुरक्षा की चुनौतियों से निपटने के लिए दीर्घकालिक, समन्वित और डेटा-आधारित नीति लागू करना है। विधायक ने कहा कि लखनऊ में बढ़ती आबादी, तेज़ी से बढ़ता वाहन पंजीकरण और बदलती शहरी आवश्यकताओं को देखते हुए अब ट्रैफिक प्रबंधन को अल्पकालिक उपायों तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है।
इसके लिए बहु-विभागीय समन्वय के साथ दीर्घकालिक रोडमैप आवश्यक है। प्रस्ताव में VAHAN डेटा का उल्लेख करते हुए बताया गया है कि वर्ष 2025 तक लखनऊ में लगभग 31.8 लाख वाहन पंजीकृत हो चुके हैं, जबकि हर वर्ष 1.2 से 1.5 लाख नए वाहन सड़कों पर जुड़ रहे हैं। इस तेज़ वृद्धि के कारण ट्रैफिक जाम, पार्किंग दबाव और सड़क दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ा है।
डॉ. सिंह ने ट्रैफिक प्रबंधन को केवल पुलिसिंग तक सीमित न रखते हुए Multi-Department Traffic Management Task Force के गठन की सिफारिश की है। प्रस्तावित टास्क फोर्स में पुलिस, शहरी विकास विभाग, एलडीए, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, परिवहन विभाग, मेट्रो और स्मार्ट सिटी सेल को शामिल करने का सुझाव दिया गया है। इसके साथ ही अनिवार्य मासिक समीक्षा बैठकों के माध्यम से निर्णयों को डेटा-ड्रिवन, समयबद्ध और जवाबदेह बनाने पर बल दिया गया है।
रोडमैप में भविष्य-केंद्रित समाधानों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है, जिनमें मेट्रो और बीआरटी नेटवर्क का विस्तार, एआई-आधारित स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल सिस्टम, वैज्ञानिक ढंग से विकसित वेंडिंग ज़ोन, अवैध अतिक्रमणों की स्थायी व्यवस्था, पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित अवसंरचना तथा इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और ग्रीन ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा शामिल है।
प्रस्ताव सौंपते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि वाहनों की तेज़ी से बढ़ती संख्या के बीच Reactive उपायों से आगे बढ़कर Integrated Planning और Multi-Department Coordination अपनाना समय की मांग है। उनके अनुसार, यही दृष्टिकोण लखनऊ को एक आधुनिक और ट्रैफिक-रेडी राजधानी बनाने में सहायक होगा।


















