शकील अहमद
लखनऊ (पीजीआई)। राजधानी लखनऊ के पीजीआई क्षेत्र में एक गरीब परिवार का घर रात के अंधेरे में ढहाए जाने का मामला सामने आया है।
ओमेक्स कंपनी पर आरोप है कि उसके कर्मचारियों ने जेसीबी से मकान गिरा दिया, जिसके बाद पीड़ित परिवार सड़क पर आ गया है। अब परिवार ने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़िता रामदुलारी निवासी अमोले गांव, कल्ली पश्चिम (पीजीआई क्षेत्र) ने बताया कि करीब 25 वर्ष पहले उन्हें सरकार द्वारा इंदिरा आवास योजना के तहत मकान मिला था और तभी से वह अपने परिवार के साथ वहीं रह रही थीं। परिवार में बेटा, बहू और दो छोटे बच्चे भी शामिल हैं।
रामदुलारी के अनुसार उनके घर के पास ओमेक्स कंपनी कॉलोनी विकसित कर रही है। कंपनी की ओर से उन्हें जनवरी महीने में मकान खाली करने के लिए कहा गया था, जिसकी शिकायत उन्होंने अपर जिलाधिकारी से की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
रात 1 बजे जेसीबी से गिराया गया मकान
पीड़िता का आरोप है कि 11 मार्च की रात करीब 1 बजे, जब उनका परिवार किसी रिश्तेदार के यहां गया हुआ था, तभी कंपनी से जुड़े लोगों ने जेसीबी मशीन लगाकर उनका मकान ढहा दिया। इस दौरान उनके घर का सारा सामान भी क्षतिग्रस्त हो गया।

रामदुलारी ने बताया कि घटना की सूचना उन्होंने कल्ली पुलिस चौकी को दी, लेकिन वहां से उन्हें उचित मदद नहीं मिली और उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया।
सड़क पर आया परिवार, डीएम से मांगी मदद
मकान ध्वस्त होने के बाद पूरा परिवार बेघर होकर सड़क पर रहने को मजबूर है। इंसाफ न मिलने पर पीड़ित परिवार मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचा और जिलाधिकारी लखनऊ को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की।
परिवार का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो उनके सामने जीवन यापन का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। अब इस मामले में सबकी नजर प्रशासन पर है कि पीड़ित परिवार को न्याय और राहत कब तक मिलती है।


















