सौरभ जायसवाल
बृजमनगंज (महाराजगंज)। किसी छोटे कस्बे से निकलकर बड़े लक्ष्य हासिल करना केवल संयोग नहीं, बल्कि निरंतर परिश्रम, अनुशासन और परिवार के संस्कारों का परिणाम होता है।
आदर्श नगर पंचायत बृजमनगंज वार्ड संख्या 7 निवासी बद्री नारायण उर्फ मुन्नू जायसवाल के पुत्र आदित्य जायसवाल ने इसी सच्चाई को साबित करते हुए उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में पीओ (शाखा प्रबंधक) पद पर चयन प्राप्त किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे नगर में गर्व और उत्साह का माहौल है।
बृजमनगंज जैसे कस्बाई क्षेत्र में सीमित संसाधनों के बीच प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी करना आसान नहीं होता। बड़े शहरों की कोचिंग सुविधाओं और संसाधनों की तुलना में यहां छात्रों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद आदित्य ने अपने लक्ष्य को स्पष्ट रखा और लगातार मेहनत करते हुए सफलता हासिल की।
परिवार की भूमिका इस सफलता की कहानी में विशेष महत्व रखती है। उनके पिता बद्री नारायण जायसवाल ने बताया कि उन्होंने हमेशा अपने बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता दी। आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियां चाहे जैसी भी रही हों, उन्होंने पढ़ाई के साथ कभी समझौता नहीं किया। उनका मानना है कि केवल धन नहीं, बल्कि सही दिशा और संस्कार ही बच्चों को आगे बढ़ाते हैं।
आदित्य स्वयं अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता को देते हैं। उनका कहना है कि जब भी तैयारी के दौरान निराशा आती थी, परिवार का विश्वास उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता था। उन्होंने समय प्रबंधन, नियमित अध्ययन और सकारात्मक सोच को अपनी तैयारी का आधार बनाया। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए निरंतरता और आत्मविश्वास को उन्होंने सबसे महत्वपूर्ण बताया।

नगर पंचायत कार्यालय में आयोजित सम्मान समारोह में नगर अध्यक्ष राकेश जायसवाल और प्रशासनिक अधिकारी सुरभि मिश्रा ने आदित्य और उनके पिता को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। मेडल पहनाकर और मिठाई खिलाकर उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं।
समारोह में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने इस उपलब्धि को पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक बताया।समाजसेवी और पत्रकार सौरभ जायसवाल ने भी अपने कार्यालय में आदित्य का सम्मान किया।
इस अवसर पर सभासद धर्मेंद्र चौरसिया, अनिल मणि त्रिपाठी, संतोष जायसवाल, विमल जायसवाल, दिनेश जायसवाल, शंकर दयाल कसौधन, झिनक चौधरी, गौरव जायसवाल, जगदंबा जायसवाल और दीपक विश्वकर्मा सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। सभी ने आदित्य को भविष्य में और ऊंचाइयों को छूने की शुभकामनाएं दीं।
आदित्य की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों के युवा भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। जरूरत है तो केवल स्पष्ट लक्ष्य, अनुशासित तैयारी और परिवार के सहयोग की।
विशेषज्ञों का मानना है कि बैंकिंग क्षेत्र में प्रोबेशनरी ऑफिसर (पीओ) के रूप में चयन युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होती है। यह पद न केवल सम्मान और स्थिरता प्रदान करता है, बल्कि नेतृत्व और जिम्मेदारी की भूमिका भी देता है। आदित्य के लिए यह चयन केवल करियर की शुरुआत नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का अवसर भी है।
स्थानीय युवाओं के लिए आदित्य की कहानी प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है। कई छात्र-छात्राएं उनसे मार्गदर्शन लेने की इच्छा जता रहे हैं। आदित्य का मानना है कि यदि छात्र समय पर तैयारी शुरू करें, नियमित अभ्यास करें और लक्ष्य पर केंद्रित रहें, तो सफलता अवश्य मिलती है।
बृजमनगंज की गलियों से निकलकर बैंक शाखा प्रबंधक बनने तक की यह यात्रा यह साबित करती है कि सपनों की कोई भौगोलिक सीमा नहीं होती। छोटे शहरों के बड़े सपने भी साकार हो सकते हैं, बशर्ते उन्हें पाने का संकल्प अटूट हो।
आदित्य जायसवाल की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि पूरे नगर के लिए एक प्रेरक उदाहरण है। यह कहानी आने वाली पीढ़ियों को यह विश्वास दिलाती है कि संघर्ष चाहे जितना भी हो, मेहनत और दृढ़ निश्चय से सफलता हासिल की जा सकती है।


















