रायबरेली। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) अरविंद कुमार यादव ने सभी विद्यालयों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि वे तत्काल स्कूल वाहन निगरानी पोर्टल पर अपने विद्यालय से संबंधित विवरण ऑनबोर्ड करें, ताकि स्कूली बच्चों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने बताया कि परिवहन आयुक्त उत्तर प्रदेश एवं अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार यह अभियान चलाया जा रहा है। स्कूली वाहनों की दुर्घटनाओं का एक प्रमुख कारण वाहनों की फिटनेस का अभाव या त्रुटिपूर्ण फिटनेस पाया गया है, जिसे देखते हुए उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली 1998 के अध्याय-9-क (विद्यालयीय यानों के लिए विशेष उपबंध) का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है।
इस दिशा में परिवहन विभाग द्वारा स्कूल वाहन निगरानी पोर्टल (upisvmp.com) विकसित किया गया है, जो विद्यालयों के वाहनों की निगरानी, सत्यापन और सुरक्षा मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करेगा। इस पोर्टल पर जनपद में संचालित सभी परिषदीय एवं गैर-परिषदीय विद्यालयों (सीबीएसई, आईसीएसई एवं अन्य बोर्ड) को अपने वाहनों का विवरण, वाहन चालकों की जानकारी तथा विद्यालय प्रबंधन द्वारा ₹100 के स्टाम्प पेपर पर नोटरी सत्यापित शपथ पत्र अपलोड करना अनिवार्य किया गया है।
यदि किसी विद्यालय में वाहन संचालित नहीं हो रहा है, तब भी विद्यालय प्रबंधन को इसी प्रकार शपथ पत्र अपलोड करना होगा कि विद्यालय में कोई वाहन संचालित नहीं है। परिषदीय विद्यालयों के ऑनबोर्डिंग की जिम्मेदारी संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को दी गई है।
एआरटीओ ने बताया कि स्कूली वाहनों की फिटनेस सुनिश्चित करने के लिए 1 से 15 अप्रैल 2026 तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें अब मात्र चार दिन शेष हैं, जबकि अब तक केवल 14 प्रतिशत विद्यालय ही पोर्टल पर ऑनबोर्ड हो पाए हैं।
उन्होंने सभी विद्यालय प्रबंधन और प्रधानाचार्यों से अपील करते हुए कहा कि वे तत्काल पोर्टल पर आवश्यक विवरण अपलोड कर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करें, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
















