रायबरेली। विश्व एड्स दिवस के अवसर पर रायबरेली में जनजागरूकता अभियान के तहत एड्स नियंत्रण जागरूकता परेड का आयोजन किया गया। परेड को मुख्य विकास अधिकारी अंजुलता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन चन्द्रा एवं प्राचार्य रत्नेश कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज के एनसीसी कैडेट और छात्रों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
जागरूकता परेड के साथ स्वास्थ्य विभाग, विभिन्न आईसीटीसी, एआरटी, एसएसके और एनजीओ केंद्रों के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की। इस अवसर पर जिला क्षयरोग अधिकारी एवं नोडल एड्स अधिकारी डॉ. अनुपम सिंह, एसीएमओ डॉ. अरविंद, जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डी.एस. अस्थाना, जिला प्रोग्राम समन्वयक अभय मिश्रा, पीपीएम समन्वयक मनीष श्रीवास्तव, पीएमडीटी समन्वयक अतुल कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग के कई कर्मचारी उपस्थित रहे।
सीएमओ डॉ. नवीन चन्द्रा ने बताया कि रायबरेली में वर्ष 2011 में ऊंचाहार में पहला ART सेंटर स्थापित किया गया था, जिसके माध्यम से अब तक 2,163 मरीजों की खोज की गई है। वर्तमान में आर्ट केंद्र जिला अस्पताल परिसर में संचालित है और सुविधाएं भी विस्तृत की गई हैं।
उन्होंने बताया कि जिला पुरुष चिकित्सालय में 5,360 जांच की गईं, जिनमें 54 मरीज पॉजिटिव पाए गए।एम्स रायबरेली में 3,226 जांचों में 31 मरीज संक्रमित मिले। जिला महिला चिकित्सालय में 12,413 जांचों में 9 मरीज संक्रमित पाए गए। लालगंज और बछरावां सीएचसी में जांचों के दौरान 15 मरीज संक्रमित मिले, जिन्हें उपचार पर रखा गया है। वर्ष 2025 में कुल 106 नए एचआईवी मरीजों की पुष्टि हुई है और सभी का उपचार जारी है। टीबी और एचआईवी दोनों बीमारियों से ग्रसित 13 मरीजों का भी संयुक्त उपचार सफलतापूर्वक किया जा रहा है।
जागरूकता और रोकथाम पर विशेष जोर
सीएमओ ने कहा कि इस बीमारी से बचाव ही सबसे प्रभावी उपाय है। जिले के सभी 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर एचआईवी जांच की सुविधा उपलब्ध है। भारत सरकार द्वारा जारी इस वर्ष का स्लोगन “बाधाएं होंगी दरकिनार, एचआईवी और एड्स पर होगा सशक्त प्रहार” का मुख्य संदेश यह है कि जांच और उपचार से संबंधित कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी और सभी सुविधाएं प्रत्येक जरूरतमंद तक पहुंचाई जाएंगी।


















