लखनऊ। प्रदेश के किसानों को नवीन तकनीक, कृषि यन्त्रों, फसलों के पैकेज आफ प्रेक्टिसेज एवं रबी प्रजातियों के बारे में अवगत कराने हेतु वर्तमान रबी मौसम की किसान पाठशाला का शुभारम्भ कल दिनांक 12 दिसंबर, 2025 को मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा पद्मश्री कृषक राम सरन वर्मा के गाँव दौलतपुर, जनपद-बाराबंकी के खेत से किया जाएगा। सरकार किसानों के प्रति प्रतिबद्धता को निभाते हुए “किसान की बात किसान के द्वार” की संकल्पना पर किसानों को प्रोत्साहित करेगी।
विगत वर्षों में किसान पाठशाला के माध्यम से अब तक लगभग 190 लाख किसानों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। बृहस्पतिवार को कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बाराबंकी में कार्यक्रम स्थल का स्थलीय निरीक्षण किया और आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उद्घाटन के अवसर पर माननीय कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही एवं माननीय कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख भी उपस्थित रहेंगे।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के प्रति अपनी कृतसंकल्पता सरकार के गठन के साथ ही निभाई जा रही है। सरकार द्वारा प्रदेश के किसानों को 25423 करोड़ रुपये का ऋण मोचन, 90669 करोड़ रुपये का पी0एम0 किसान सम्मान निधि का लाभ प्रत्यक्ष तौर पर उपलब्ध कराया जा चुका है। इसके साथ ही मृदा सुधार, मृदा परीक्षण, कृषि यन्त्र, उर्वरक, कृषि रक्षा रसायन सहित कृषि उत्पादन के प्रसंस्करण एवं विपणन जैसी क्रियाओं हेतु प्रदेश सरकार द्वारा प्रत्येक स्तर पर किसानों को सहयोग कर उनके कृषि उत्पादन एवं लाभ में वृद्धि तथा आत्मसम्मान दिलाने हेतु सतत् प्रयासरत है।
किसान पाठशाला का आयोजन प्रदेश के सभी जनपदों में 12 से 29 दिसंबर 2025 तक किया जाएगा। कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की है कि वे इस पाठशाला के आयोजन में प्रतिभाग कर पद्मश्री कृषक राम सरन वर्मा के द्वारा किये जा रहे नवोन्मेषी कृषि कार्यों जैसे- तिलहनी फसलों की खेती एवं उसके साथ मधुमक्खी पालन, बागवानी फसलों (केला, अगेती आलू, रबी मक्का, टमाटर, फूलों की खेती) आदि के बारे में जानकारी प्राप्त करें।
किसान भाई अपने जनपद में समीप के किसान पाठशाला में प्रतिभाग कर प्रदेश सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं (60 प्रतिशत अनुदान पर सोलर पम्प, 40 से 50 प्रतिशत पर कृषि यन्त्र आदि), खेती की नई तकनीक, नवीन प्रजाति, पशुपालन, बागवानी, रेशम पालन एवं मधुमक्खी पालन की जानकारी प्राप्त कर अपनी कृषि उत्पादन एवं आय में बढ़ोत्तरी कर सकते हैं।


















