रायबरेली। बाल विशिष्ट विधिक सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा गठित लीगल सर्विस यूनिट फॉर चिल्ड्रेन की टीम ने चक धौरहरा स्थित गांधी सेवा निकेतन बालिका आश्रय गृह का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण उ.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ तथा माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायबरेली अमित पाल सिंह के निर्देश पर किया गया।
निरीक्षण दल में इकाई के अध्यक्ष अनुपम शौर्य, अपर जिला जज/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सेवानिवृत्त न्यायिक अधिकारी/सदस्य राजबहादुर सिंह, जयपाल वर्मा जिला प्रोबेशन अधिकारी तथा जय सिंह यादव, डिप्टी चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल सम्मिलित रहे। टीम ने आश्रय गृह में निवास कर रही बालिकाओं से संवाद कर उनका कुशलक्षेम जाना और उनकी समस्याओं को समझा।
निरीक्षण के दौरान बालिकाओं की शैक्षणिक, मानसिक और सामाजिक विकास से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई तथा प्रबंधन को आवश्यक दिशा–निर्देश प्रदान किए गए। टीम ने आश्रय गृह में रहने वाली सभी बालिकाओं की नियमित चिकित्सकीय जांच कराने और उनकी आयु एवं मनोस्थिति को ध्यान में रखते हुए नियमित काउंसलिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
साथ ही यह भी निर्देशित किया गया कि अध्ययन की इच्छुक बालिकाओं की सूची तैयार कर उन्हें संबंधित विद्यालयों में दाखिला दिलाया जाए तथा हाईस्कूल और इंटरमीडिएट स्तर की पढ़ाई चाहने वाली बालिकाओं का प्रवेश एनआईओएस के माध्यम से कराया जाए। जिन बालिकाओं के परिवारों से संपर्क संभव है, उनके परिजनों से समन्वय स्थापित कर पुनर्वास का प्रयास करने पर भी बल दिया गया।
निरीक्षण के दौरान आयोजित जागरूकता सत्र में समिति की कार्यप्रणाली तथा बालिकाओं के हितों की रक्षा के लिए उपलब्ध विधिक सहायता के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से बताया गया कि इकाई का उद्देश्य बालिकाओं को शिक्षा, सुरक्षा एवं परिवारिक पुनर्स्थापना से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास करना है।
निरीक्षण के समय पराविधिक स्वयं सेवक पूनम सिंह भी मौजूद रहीं।


















