रायबरेली। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी हर्षिता माथुर की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय गौ संरक्षण एवं अनुश्रवण समिति की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जिले के सभी गोआश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं की ब्लॉकवार विस्तृत समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी गोआश्रय स्थलों पर व्यवस्था समय से दुरुस्त करा ली जाए। उन्होंने कहा कि नवीन गोआश्रय स्थलों का निर्माण निर्धारित समय में पूर्ण कराया जाए, तथा निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न हो।
डीएम ने पशुओं के लिए हरा चारा, पानी, चिकित्सा सुविधा, प्रकाश व्यवस्था और शेड की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई पशु संक्रामक बीमारी से ग्रसित पाया जाए तो उसे तत्काल अन्य पशुओं से अलग कर उचित उपचार उपलब्ध कराया जाए।
ठंड के बढ़ते मौसम को देखते हुए आश्रयों में ठंड से बचाव के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए जाएं। डीएम ने कहा कि यदि किसी गोवंश की मृत्यु होती है तो उसका उचित तरीके से अंतिम संस्कार कराया जाए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने उन गोशालाओं पर भी सख्त निर्देश दिए जहां सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी कैमरे तुरंत ठीक कराए जाएं और उनकी निरंतर निगरानी सुनिश्चित की जाए।
गोआश्रय स्थलों को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए जिलाधिकारी ने वर्मीकम्पोस्ट, गोबर से निर्मित काष्ठ, दीपक और पेंट निर्माण की व्यवस्था विकसित करने का भी सुझाव दिया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अंजुलता, जिला विकास अधिकारी अरुण कुमार, परियोजना निदेशक डीआरडीए सतीश प्रसाद मिश्रा, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलदीप कुमार द्विवेदी, उप निदेशक कृषि विनोद कुमार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


















