शकील अहमद
सरोजनीनगर (लखनऊ)। राजधानी लखनऊ के सरोजनीनगर क्षेत्र स्थित दरोगा खेड़ा, चंद्रशेखर आजाद नगर कॉलोनी में 45 वर्ष पुराने सत्यम शिवम सुंदरम महादेव मंदिर का स्थापना दिवस शुक्रवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद भव्य विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
मंदिर परिसर में सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हो गई थी। भगवान शिव की विशेष पूजा, अभिषेक और आरती के बाद श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई। प्रसाद के रूप में पूड़ी-सब्जी, बूंदी और फल वितरित किए गए। श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया और मंदिर में मत्था टेककर आशीर्वाद लिया।
स्थानीय बुजुर्ग भक्तों के अनुसार, यह मंदिर लगभग 45 वर्ष पुराना है और वर्ष 1981 से यहां नियमित रूप से पूजा-अर्चना की जा रही है। बताया जाता है कि जब चंद्रशेखर आजाद नगर कॉलोनी का निर्माण प्रारंभ हुआ था, उसी समय यह शिव मंदिर स्थापित हो चुका था।
समय के साथ मंदिर जर्जर अवस्था में पहुंच गया था, जिसे स्वर्गीय हरिद्वार राय के प्रयासों से पुनः सुदृढ़ किया गया। वर्ष 2019 से मंदिर के स्थापना दिवस को हर वर्ष 27 फरवरी को विधिवत मनाया जा रहा है।
मंदिर के संरक्षक राकेश कुमार सिंह (बबलू भैया) ने बताया कि स्थानीय श्रद्धालुओं के सहयोग से मंदिर का सौंदर्यीकरण और रखरखाव संभव हो पाया है।
मंदिर में सभी देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित हैं और प्रतिदिन नियमित पूजा-अर्चना की जाती है। उन्होंने कहा कि यह स्थल आसपास की हजारों की आबादी के लिए आस्था का केंद्र है, जहां महिलाएं, बच्चे, युवक और बुजुर्ग बड़ी श्रद्धा के साथ आते हैं।
मंदिर परिसर में एक धार्मिक पुस्तकालय भी संचालित है, जहां श्रद्धालु हिंदू धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन कर सकते हैं और सनातन संस्कारों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही, योग्य योग गुरु द्वारा प्रतिदिन श्रद्धालुओं को योगाभ्यास भी कराया जाता है, जिससे स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा मिलता है।
मंदिर के संचालन और व्यवस्थाओं के लिए एक समिति गठित है, जिसमें प्रेम शंकर मिश्रा (अध्यक्ष), गौतम सिंह (उपाध्यक्ष), राम स्नेही उत्तम (महामंत्री), ए.के. सिंह राठौर (कोषाध्यक्ष), डॉ. जे.पी. सिंह (सदस्य) सहित कुल 22 सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। समिति के सदस्यों द्वारा ही स्थापना दिवस, भंडारा एवं अन्य धार्मिक आयोजनों की समुचित व्यवस्था की जाती है।
स्थापना दिवस के अवसर पर मंदिर परिसर में भक्ति गीतों और शिव भजनों की ध्वनि से वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं का कहना है कि यहां आने से मन को शांति और सुकून की अनुभूति होती है। आयोजन शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।


















