लखनऊ में अधूरी सड़क से बढ़ा खतरा: गिट्टी डालकर ठेकेदार गायब, लोग घायल

  • पिपरसंड गुलाल खेड़ा मार्ग निर्माण कार्य ठप, ठेकेदार गिट्टी फैलाकर मस्त
  • ठेकेदार की घोर लापरवाही के चलते निर्माण कार्य पड़ा अधूरा, राहगीर परेशान
  • गुलाल खेड़ा क्रॉसिंग निर्माण कार्य भी पड़ा है अधूरा, मानकों को ताख़ पर रखकर खोदी गई मिट्टी

शकील अहमद

सरोजनीनगर, लखनऊ। राजधानी लखनऊ के सरोजनीनगर क्षेत्र में जहां गांव की सड़कों का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है, वही संबंधित कुछ ठेकदार योगी सरकार की विकास कार्य की मनसा पर पानी फेरते हुए नजर आ रहे है, ऐसे ही एक मामला पिपरसंड ग्रामसभा क्षेत्र में लगभग सवा किलोमीटर लंबाई का मार्ग कई वर्षों से ध्वस्त हो गया था।

जिससे परेशान होकर स्थानीय लोगों शिकायत की , तब जाकर इस मार्ग का निर्माण कार्य तो शुरू हुआ परंतु बीच में ही इस मार्ग पर दो महीने से गिट्टी फैलाकर संबंधित ठेकदार कार्य अधूरा छोड़ कर फरार हो गए।

ऐसे ही ठेकदारों की घोर लापरवाही के चलते कई जगह अधूरे सड़क निर्माण कार्य पड़े हुए है, जिस वजह से आम जनता और चलने वाले राहगीर गिरकर चोटिल हो रहे हैं, जिम्मेदार प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से अपना पल्ला झाड़ लेते है, और शिकायत करने पर जिम्मेदार ठेकदार अपनी जिम्मेदारी से किसी न किसी बहाने से उल्टा सीधा निर्माण कार्य करके खानापूर्ति कर जाते है।

वही इसी मार्ग से जुड़ा गुलाल खेड़ा क्रॉसिंग का भी बुरा हाल, मानक से ज्यादा जमीन खोदकर गहरा गड्ढा बना दिया गया है , जिस वजह से आसपास के लोगों एवं अक्सर जानवरों के गिरने खतरा बना हुआ है। गुलाल खेड़ा क्रॉसिंग कार्य भी कई महीनों से अधूरा पड़ा है, जिस वजह से आसपास गांववासियों का आना जाना दूभर हो गया है।

सवाल ये उठता है कि आखिर कब तक इस सड़क कर निर्माण कार्य पूरा होगा, अब तो निर्माण कार्य राम भरोसे दिख रहा है।

स्थानीय निवासियों में पूर्व जिला अध्यक्ष भाजपा युवा मोर्चा संजय सिंह चौहान, गुड्डू सिंह पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य एवं बूथ अध्यक्ष , ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मोहित सिंह, शिव कुमार उर्फ़ चाचू , महेंद्र सिंह मंडल उपाध्यक्ष सहित अन्य लोगों का कहना है कि करीब दो महीने से इस मार्ग पर गिट्टी फैलाकर छोड़ दिया गया है, जिस वजह से आने जाने वाले लोगों का जीवन दूभर हो गया है।

आय दिन हजारों की संख्या में लोगो का आना जाना रहता है, गिट्टी पर चलना खतरनाक हो गया, इसलिए कई लोग तो गिरकर दुर्घटना के शिकार भी हो चुके है। बार बार शिकायत करने के बाबजूद संबंधित ठेकदार अनसुना कर देता है। इस मौके न ही कोई निर्माण कार्य चल रहा और न ही कोई इस अधूरे सड़क निर्माण कार्य की जिम्मेदारी ले रहा है।

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