रायबरेली। जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने बुधवार को महराजगंज तहसील क्षेत्र में स्थित मंडी समिति परिसर और टूक साधन सहकारी समिति के धान क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने केंद्रों की व्यवस्थाओं का विस्तृत जायज़ा लेते हुए खरीद प्रक्रिया की वास्तविक स्थिति समझने के लिए किसानों से सीधा संवाद किया।
किसानों से लिया फीडबैक
डीएम ने किसानों से धान खरीद प्रक्रिया तौल, गुणवत्ता परीक्षण, रिकॉर्डिंग, बोरी उपलब्धता, भुगतान व्यवस्था तथा केंद्र पर उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि किसानों को सभी सेवाएँ सरकारी निर्देशों के अनुरूप, बिना किसी अवरोध और पूरी पारदर्शिता के साथ उपलब्ध होनी चाहिए।
समय पर भुगतान को लेकर कड़े निर्देश
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि “धान खरीद का भुगतान निर्धारित समय सीमा के भीतर हर हाल में किसानों के बैंक खातों में पहुँचना चाहिए। किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तय है।” उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी केंद्र पर भुगतान संबंधी गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
तौल उपकरण और रिकॉर्ड की जांच
निरीक्षण के दौरान डीएम ने केंद्र पर उपलब्ध तौल मशीनों, भंडारण व्यवस्था, स्टॉक प्रबंधन और रजिस्टर रिकॉर्ड की भी जांच की। उन्होंने बताया कि सरकार किसान हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और किसानों को किसी स्तर पर परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
समस्या होने पर सीधे शिकायत करें:- डीएम
डीएम ने कहा कि यदि किसी क्रय केंद्र पर कोई समस्या उत्पन्न होती है तो किसान सीधे सक्षम अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने निर्देश जारी करते हुए कहा कि सभी क्रय केंद्रों पर पारदर्शिता बनाए रखते हुए व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि निरंतर निरीक्षण से क्रय व्यवस्था में तेजी और सुधार बने रहेंगे। निरीक्षण के दौरान एडीएम प्रशासन सिद्धार्थ, डीएफएमओ सोनी गुप्ता सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।


















