MSME नीति से बदली तस्वीर: उत्तर प्रदेश में लाखों युवा बने उद्यमी

लखनऊ। प्रदेश सरकार की सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) नीति से राज्य के शिक्षित और प्रशिक्षित युवाओं को स्वरोजगार व रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं। सरकार वित्तीय संसाधन, प्रशिक्षण और डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराकर नए सूक्ष्म उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित कर रही है, जिससे युवाओं की आत्मनिर्भरता बढ़ी है।

युवाओं को उद्यमिता से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के तहत बड़े स्तर पर पहल की गई। इसी क्रम में 30 जुलाई से 01 अगस्त 2025 तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में सीएम युवा कॉन्क्लेव एंड एक्सपो आयोजित हुआ, जिसमें विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग और डिग्री कॉलेजों के अंतिम वर्ष के छात्रों सहित युवाओं को इनोवेटिव बिजनेस अवसरों से जोड़ा गया। इस कॉन्क्लेव में 150 से अधिक इनोवेटिव बिजनेस, फ्रेंचाइजी और बिजनेस-ऑन-व्हील्स ब्रांड्स ने भाग लिया।

द्वितीय चरण में सीएम युवा कॉन्क्लेव एंड एक्सपो का आयोजन यूपीआईटीएस-2025 के दौरान 25 से 29 सितंबर 2025 तक ग्रेटर नोएडा में किया गया, जिसमें मेरठ, सहारनपुर, अलीगढ़ और आगरा मंडलों के युवाओं को लाभ मिला।

सरकार ने उद्यम स्थापना के लिए प्रोत्साहनात्मक वातावरण बनाया है। एमएसएमई अधिनियम 2020 के तहत इकाइयों को 1000 दिनों तक निरीक्षण से छूट दी गई है। वहीं निवेश मित्र पोर्टल के माध्यम से लाइसेंस, एनओसी और अनुमतियों की पूरी तरह ऑनलाइन और समयबद्ध व्यवस्था लागू की गई है। इन प्रयासों से प्रदेश में अब तक लगभग 45.54 लाख उद्यम पंजीकृत हो चुके हैं।

अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस (27 जून 2025) पर सीएम युवा मोबाइल ऐप और यूथ अड्डा का लोकार्पण हुआ, साथ ही बरेली और मुरादाबाद में ₹18 करोड़ की ओडीओपी सीएफसी परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत टूलकिट, ऋण और एमएसएमई लोन का वितरण भी किया गया।

निर्यात बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) का तृतीय संस्करण 25–29 सितंबर 2025 को आईईएमएल, ग्रेटर नोएडा में आयोजित हुआ, जिसमें 70 देशों के बायर्स शामिल हुए। इसके अलावा यूपी नेशनल ट्रेड शो-2025 (स्वदेशी मेला) और भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला (नई दिल्ली) में प्रदेश की सहभागिता रही, जहां उत्तर प्रदेश को कांस्य पुरस्कार मिला।

ओडीओपी योजना के तहत Yuukke के साथ साझेदारी कर कारीगरों, बुनकरों और शिल्पकारों को राष्ट्रीय व वैश्विक बाजार तक पहुंच दी जा रही है। निर्यात संवर्धन के लिए विभिन्न सेक्टर-स्पेसिफिक परिषदों के साथ संवाद हुआ और 29 निर्यातकों को राज्य निर्यात पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

सरकारी नीतियों, डिजिटल सुविधाओं और बाजार से जुड़ाव के चलते प्रदेश में MSME क्षेत्र रोजगार सृजन का मजबूत माध्यम बनकर उभरा है, जिससे युवा उद्यमिता को नई गति मिली है।

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