बृजमनगंज में 22 जून से शुरू होगी माँ महाकाली की त्रिवार्षिक महापूजा, तीन दिन चलेगा भव्य धार्मिक आयोजन

  • धार चढ़ाने, कढ़ाई उत्सव, महायज्ञ और मध्यरात्रि खप्पर पूजन सहित कई धार्मिक अनुष्ठान होंगे आयोजित

सौरभ जायसवाल

बृजमनगंज, महराजगंज। नगर पंचायत बृजमनगंज की अधिष्ठात्री देवी माँ महाकाली की ऐतिहासिक त्रिवार्षिक महापूजा का शुभारंभ 22 जून से होने जा रहा है। नगर की सुख-समृद्धि, लोककल्याण और क्षेत्र की खुशहाली की कामना को समर्पित यह तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन पूरे विधि-विधान, श्रद्धा और आस्था के साथ संपन्न होगा। महापूजा को लेकर नगरवासियों और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है तथा आयोजन समिति द्वारा सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं।

आयोजन समिति के अनुसार इस धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत 22 जून, सोमवार को प्रातःकाल नगर की महिलाओं द्वारा पारंपरिक रूप से धार चढ़ाने के साथ होगी। इसके बाद वैदिक आचार्यों और विद्वान ब्राह्मणों के सान्निध्य में मुख्य पूजन और मंत्रोच्चारण का क्रम प्रारंभ होगा। तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में हवन, विशेष पूजा, कढ़ाई उत्सव और पारंपरिक खप्पर पूजन जैसे धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

प्रथम दिन: 22 जून

महापूजा के पहले दिन सुबह 6 बजे नगर की महिलाएं माँ काली, शीतला माता और डिवहार बाबा के स्थानों पर पारंपरिक धार चढ़ाएंगी। सुबह 10 बजे से मुख्य पूजा स्थल पर वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ पूजा-अर्चना का शुभारंभ होगा। सायंकाल 6 बजे पुनः महिलाओं द्वारा तीनों आस्था केंद्रों पर धार अर्पित की जाएगी।

द्वितीय दिन: 23 जून

दूसरे दिन सुबह 7 बजे महिलाओं द्वारा प्रातःकालीन धार अर्पण किया जाएगा। इसके बाद सुबह 10 बजे से विशेष पूजन एवं धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम जारी रहेगा। शाम 6 बजे पुनः पारंपरिक रीति से धार चढ़ाने की परंपरा निभाई जाएगी।

तृतीय दिन: 24 जून को होगी पूर्णाहुति

महापूजा के अंतिम दिन सुबह 6 बजे महिलाओं द्वारा तीनों पूजा स्थलों पर धार चढ़ाई जाएगी। सुबह 10 बजे माता रानी के निमित्त कढ़ाई चढ़ाने की परंपरा निभाई जाएगी तथा मुख्य पूजा संपन्न होगी। दोपहर 12 बजे महायज्ञ और हवन की पूर्णाहुति के साथ धार्मिक अनुष्ठान का औपचारिक समापन होगा।

शाम 6 बजे लोक देवता डिवहार बाबा को श्रद्धापूर्वक लोई अर्पित की जाएगी। वहीं रात्रि 12 बजे के बाद माँ महाकाली का पारंपरिक एवं अत्यंत श्रद्धापूर्ण खप्पर पूजन किया जाएगा। इस दौरान मृदंग, पचरा और लोकभक्ति संगीत के बीच भव्य महाआरती संपन्न होगी, जिसमें क्षेत्र की उन्नति, सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की जाएगी।

क्षेत्र की प्राचीन परंपरा से जुड़ा है आयोजन

क्षेत्र के प्रबुद्ध जनों के अनुसार यह त्रिवार्षिक महापूजा बृजमनगंज की सबसे प्राचीन और महत्वपूर्ण धार्मिक परंपराओं में से एक है। मान्यता है कि यह आयोजन क्षेत्र को प्राकृतिक आपदाओं, महामारी और विभिन्न प्रकार की बाधाओं से सुरक्षित रखने तथा जनकल्याण की भावना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से किया जाता है।

आयोजन समिति ने समस्त श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे इस तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन में सहभागिता कर माँ महाकाली का आशीर्वाद प्राप्त करें तथा आयोजन को सफल बनाने में सहयोग दें।

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