जिला समन्वय समिति की बैठक सम्पन्न
टीकाकरण से छूटे हुए बच्चों पर रहेगा जोर
सत्र पर माता पिता की आईडी, पहचान पत्र और मोबाईल नम्बर अवश्य लेकर आएं
रायबरेली। शून्य से पांच साल तक के बच्चों का टीकाकरण करने के उद्देश्य से 03 से टीका उत्सव शुरू हो रहा है जो कि 31 दिसम्बर तक चलेगा। इसका उद्घाटन जिला महिला अस्पताल में किया जायेगा। इसी क्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में जिला समन्वय समिति की बैठक आयोजित हुयी।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन चंद्रा ने बताया कि टीकाकरण न केवल 12 जानलेवा बीमारियों से बचाता है बल्कि या प्रतिरोधक क्षमता को को भी बढ़ाता है और कुपोषण से रोकथाम होती है। इस अभियान में नियमित टीकाकरण से छूटे हुए बच्चों पर विशेष जोर रहेगा। इसके साथ ही जिन बच्चों का टीकाकरण तो हो चुका है लेकिन यूविन पर पंजीकरण नहीं है उनका पंजीकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जायेगा।
अभियान के दौरान कोई विशेष सत्र आयोजित नहीं किये जायेंगे। टीकाकरण से एक दिन पहले आशा कार्यकर्ता लाभार्थियों को व्यक्तिगत तौर पर आमंत्रित करेंगी। अभियान के दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यूविन पोर्टल पर पंजीकरण के साथ ही बच्चे का टीकाकरण हो। ड्यू लिस्ट में जो भी बच्चे चिन्हित हैं उनका टीकाकरण प्राथमिकता के आधार पर माइक्रोप्लान के अनुसार किया जायेगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी विभागों से सहयोग की अपील की। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ अरुण कुमार बताया कि टीकाकरण घर के समीप और नि शुल्क लग रहे हैं। जब भी सत्र लगे तो बच्चों का टीकाकरण अवश्य कराएँ। शहरी क्षेत्रों में सप्ताह के सातों दिन टीका लगता है। जब भी टीकाकरण के लिए आयें तो माँ या पिता की आईडी, पहचान पत्र और मोबाईल नम्बर अवश्य लेकर आयें जिससे कि बच्चे का यूविन पोर्टल पर पंजीकरण हो जाये और उसका टीकाकरण हो सके। टीके पूरी तरह सुरक्षित हैं।
जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी डी.एस. अस्थाना ने बताया कि 12 जानलेवा बीमारियों हैं। टीबी, पोलियो, काली खांसी, गलघोंटू, इन्फ्लूएंजा, टिटनेस, खसरा, डायरिया, निमोनिया, हेपेटाइटिस बी, रूबेला और जापानी इंसिफेलाइटिस। गर्भवती को टिटनेस व व्यस्क डिप्थीरिया (टीडी) के टीके लगाये जाते।
इस मौके पर रत्नेश श्रीवास्तव प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक, राहुल सिंह बेसिक शिक्षा अधिकारी, सुरेन्द्र कुमार प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिमा जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, अंजलि सिंह डा. सी. लाल विश्व स्वास्थ्य संगठन, श्रेया श्रीवास्तव जिला समन्वयक आदि उपस्थित रहे।


















