उन्नाव: मौरावा में सातवें विशाल भंडारे का आयोजन, सुगमेश्वर मंदिर समिति ने शुरू की निःशुल्क दिव्य लोक यात्रा सेवा

  • पूर्व एमएलसी अरविंद कुमार त्रिपाठी बोले- जो समाज और दूसरों के दुखों का चिंतन करे, वही सच्चा इंसान और धर्मात्मा

दिनेश विश्वकर्मा

मौरावा, उन्नाव। बड़े मंगलवार के पावन अवसर पर मौरावा में सुगमेश्वर मंदिर समिति की ओर से सातवें विशाल भंडारे का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। इस अवसर पर मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ‘दिव्य लोक यात्रा’ के लिए एक निःशुल्क वाहन सेवा की भी शुरुआत की, जिसका शुभारंभ अतिथियों की मौजूदगी में किया गया।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व सदस्य विधान परिषद अरविंद कुमार त्रिपाठी ने कहा कि अपने लिए तो सभी जीते हैं, लेकिन जो व्यक्ति समाज और दूसरों के दुख-दर्द का चिंतन करता है, वही सच्चे अर्थों में इंसान और धर्मात्मा होता है। उन्होंने कहा कि सुगमेश्वर मंदिर समिति केवल धार्मिक आयोजनों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाजसेवा और जनहित के कार्यों में भी बढ़-चढ़कर योगदान दे रही है।

उन्होंने बताया कि समिति की ओर से शुरू की गई निःशुल्क दिव्य लोक यात्रा सेवा का उद्देश्य श्रद्धालुओं को धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके लिए एक विशेष बस सेवा शुरू की गई है, जिसका उपयोग धार्मिक यात्राओं में किया जाएगा।

वहीं, मौरावा आदर्श नगर पंचायत अध्यक्ष कुंवर विवेक सेठ ने कहा कि वह सुगमेश्वर मंदिर के लिए एक भव्य सांकेतिक द्वार का निर्माण कराएंगे। इसके लिए नगर पंचायत की आगामी बैठक में प्रस्ताव लाया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन क्षेत्र के प्रख्यात विद्वान एवं ज्योतिषाचार्य बाल शंकर त्रिपाठी ने किया, जबकि अध्यक्षता भाजपा के पूर्व अध्यक्ष गंगा प्रसाद वर्मा ने की।

आयोजन के अंत में एस.बी. शर्मा ने सभी अतिथियों, श्रद्धालुओं और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर नगर अध्यक्ष विवेक सेठ, मोतीलाल लोधी, प्रमोद दीक्षित, नर सेवा नारायण सेवा के संस्थापक विमल द्विवेदी, हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक अजय त्रिवेदी, सतीश त्रिपाठी, प्रदीप मिश्रा, शिवम पांडेय, राजू शुक्ला, दीपू अग्निहोत्री, गुड्डू त्रिवेदी, भूपेश कुमार, दुर्गी सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

भंडारे में मौरावा के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी हजारों श्रद्धालु पहुंचे और बाबा का प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, सेवा और सामाजिक समरसता का वातावरण देखने को मिला।

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