सौरभ जायसवाल
बृजमनगंज (महाराजगंज)। नगर पंचायत बृजमनगंज वार्ड नंबर 4 निवासी शिवकुमार जाटव पुत्र स्वर्गीय रामकिशन की सफलता ने पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित कर दिया। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में चयनित होने के बाद एक वर्ष का कठिन प्रशिक्षण पूरा कर जब शिवकुमार अपने गृह नगर लौटे, तो बृजमनगंज रेलवे स्टेशन पर उनका ऐसा स्वागत हुआ, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
22 जनवरी 2025 से 22 जनवरी 2026 तक केरल में चले कठोर प्रशिक्षण के बाद शिवकुमार जाटव जब घर लौटे, तो स्टेशन पर पहले से ही सैकड़ों लोग उनके इंतजार में मौजूद थे। ढोल-नगाड़ों की थाप, डीजे की धुन और “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्” जैसे देशभक्ति नारों के बीच उनका स्वागत किया गया। युवाओं ने फूल-मालाओं से लादकर अपने बीच के इस होनहार बेटे को कंधों पर उठा लिया।
रेलवे स्टेशन से मुख्य बाजार तक जुलूस के रूप में स्वागत यात्रा निकाली गई। पूरे कस्बे में उत्सव जैसा माहौल रहा। दुकानदारों और राहगीरों ने भी फूल बरसाकर उनका अभिनंदन किया। लोगों का कहना था कि यह केवल एक परिवार की खुशी नहीं, बल्कि पूरे नगर की उपलब्धि है।
शिवकुमार जाटव का बचपन सामान्य परिस्थितियों में बीता। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया। कठिन परिश्रम, अनुशासन और लगन के बल पर उन्होंने केंद्रीय सुरक्षा बल में स्थान प्राप्त किया। उनके पिता स्वर्गीय रामकिशन के सपनों को साकार करते हुए शिवकुमार ने यह साबित कर दिया कि मेहनत और संकल्प के आगे कोई बाधा बड़ी नहीं होती।
स्वागत समारोह में नगर अध्यक्ष राकेश जायसवाल ने कहा कि शिवकुमार की उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि देश की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं होता और शिवकुमार ने यह सिद्ध कर दिखाया है। सपा नेता दिलीप चौधरी ने भी बधाई देते हुए कहा कि ऐसे युवाओं से समाज को दिशा मिलती है।
इस अवसर पर भीम आर्मी के पूर्व जिला महासचिव कन्हैया गौतम उर्फ कान्हा जी, कमलेश साहनी, शिवशंकर, पवन जाटव, विशाल, सनी यादव, सुजीत कुमार, प्रिंस, दीपू जाटव, रंजीत, अजीत सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। सभी ने फूल-मालाएं पहनाकर और मिठाई खिलाकर उनका अभिनंदन किया।
शिवकुमार जाटव ने अपने संबोधन में कहा कि यह सफलता उनके माता-पिता, गुरुओं और क्षेत्रवासियों के आशीर्वाद का परिणाम है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर परिश्रम करें। उन्होंने कहा कि देश सेवा का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है और वे पूरी निष्ठा से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे।
बृजमनगंज के लिए यह दिन केवल एक स्वागत समारोह नहीं, बल्कि आत्मगौरव का क्षण बन गया। गांव के बेटे की उपलब्धि ने यह संदेश दिया कि छोटे कस्बों से निकलकर भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं। शिवकुमार जाटव की यह सफलता आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।


















