- गांव निवासी फौजी की भांजी से प्रधान पति ने की बदजुबानी
- सूचना पर पहुंची डायल 112 पुलिस ने रुकवाया काम
खीरों, रायबरेली। कुछ तथाकथित सत्ताधारियों की चाटुकारिता के बलबूते और कई तथाकथित दलालों की हां-हुजूरी के दम पर गांव की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने की बदनीयती ध्वस्त होती दिखाई दे रही है। थाना क्षेत्र के अंतर्गत दुकनहा गांव में निर्माणाधीन अन्नपूर्णा भवन के बगल की सरकारी बंजर भूमि पर पूर्व ग्राम प्रधान के पति रामबरन साहू पुत्र स्व.लल्लू द्वारा रविवार की दोपहर में अचानक जेसीबी बुलाकर मिट्टी भरवाते हुए अवैध कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा था।
मामले की जानकारी होने पर दर्जनों ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर मिट्टी डलवाने का काम रुकवा दिया। प्रधान ने मौके पर ड्रामा करने का प्रयास किया पर उसकी एक नहीं चली। जानकारी होने पर मौके पर पहुंची गांव निवासी एक फौजी की भांजी ने डायल 112 पुलिस को मामले की सूचना दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मिट्टी भरवाने का काम रोक दिया।
ग्राम प्रधान पति द्वारा सरकारी भूमि पर किए जा रहे अवैध कब्जे के विरोध में फौजी की भांजी पिछले दो महीने से लगातार शिकायत कर रही है। डीएम के आदेश पर जांच टीम गठित कर मामले की जांच कराई गई। जांच टीम ने ग्राम प्रधान पति द्वारा किए जा रहे अवैध कब्जे को रोकते हुए सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर कराए गए निर्माण कार्य को गिराने का आदेश दिया। आदेश के लगभग तीन सप्ताह बीतने के बावजूद अभी तक तहसील प्रशासन द्वारा अवैध निर्माण को जमींदोज नहीं कराया गया।
रविवार की दोपहर दुकनहा गांव की पूर्व प्रधान के पति ने दुकनहा-खीरों मार्ग पर निर्माणाधीन अन्नपूर्णा भवन के बगल की सरकारी भूमि पर अचानक मिट्टी डलवाने का काम शुरू कर दिया। जानकारी होने पर दर्जनों ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर ग्राम प्रधान पति द्वारा जबरन किए जा रहे अवैध कब्जे का विरोध शुरू कर दिया। दुकनहा गांव निवासी व जम्मू कश्मीर में सेना में तैनात फौजी चंद्रभान कुशवाहा पुत्र स्व.रामसेवक कुशवाहा की भाजी उमा कुशवाहा मौके पर पहुंची।

जबरन मिट्टी डलवाने को लेकर प्रधान पति और जेसीबी चालक से तीखी बहस हुई। इसके बाद उमा कुशवाहा ने डायल 112 पुलिस को मामले की सूचना दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तत्काल काम रुकवाया। फौजी चंद्रभान कुशवाहा की भांजी उमा कुशवाहा प्रधान पति द्वारा जबरन किए जा रहे अवैध कब्जे के खिलाफ पिछले दो महीने से कार्रवाई की मांग कर रही है। फौजी की भांजी ने मामले को लेकर कई बार थाना दिवस और तहसील दिवस में संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र भी दिया।
सुनवाई न होने पर मामले की शिकायत डीएम सरनीत कौर ब्रोका से किया। डीएम के आदेश पर जांच टीम गठित की गई। जांच में प्रधान पति द्वारा किया जा रहा कब्जा अवैध पाया गया। जिस पर टीम ने अवैध कब्जा कर कराए गए निर्माण को गिराए जाने की रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी। मिलीभगत के चलते अभी तक अवैध निर्माण को नहीं हटाया गया। मामले में पूछने पर हल्का लेखपाल राजकुमार पाल और राजस्व निरीक्षक हनोमान यादव ने बताया कि जांच रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी गई है, अवैध कब्जे पर जल्द कार्रवाई की जाएगी।
कोई बड़ी घटना हुई तो होगा तहसील प्रशासन जिम्मेदार
फौजी चंद्रभान कुशवाहा ने बताया कि तहसील प्रशासन से साठ गांठ के चलते प्रधान पति द्वारा किए जा रहे अवैध कब्जे पर स्थगन की कार्रवाई नहीं की जा रही है। फौजी की भांजी उमा कुशवाहा ने बताया कि मामले में लेखपाल और राजस्व निरीक्षक की भूमिका शुरू से ही संदिग्ध रही है। मामले को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
किसी दबाव के चलते नहीं बढ़ रही कार्रवाई
उमा कुशवाहा ने मामले को लेकर थाना दिवस व तहसील दिवस में कई शिकायतें किया। कोई कार्रवाई न होने पर बाद में डीएम से की गई शिकायत पर तहसील प्रशासन को जांच टीम गठित करना पड़ा। लगभग तीन सप्ताह पहले हुई जांच में अवैध पाए गए निर्माण को अभी तक नहीं खाली कराया गया।













