खीरों, रायबरेली। कस्बा सहित पूरे क्षेत्र में झोलाछाप क्लीनिक और अवैध पैथोलॉजी सेंटरों की भरमार है। आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार कार्रवाई का भय दिखाकर वसूली कर रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर सख्त कार्रवाई नहीं हो रही।
बताया जा रहा है कि बीती 2 फरवरी को एसीएमओ और सीएचसी अधीक्षक की संयुक्त टीम ने पुलिस बल के साथ कस्बे में एक झोलाछाप क्लीनिक पर छापा मारा था। मौके पर क्लीनिक को सील भी किया गया, लेकिन आगे की कार्रवाई कागजों तक ही सीमित रह गई।
अब तक संबंधित झोलाछाप के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुई और कुछ समय बाद क्लीनिक फिर से चालू होने की चर्चा है। इसी दिन दुकनहा रोड स्थित एक अन्य अवैध क्लीनिक पर भी टीम ने कार्रवाई की।
वहां से मेडिकल उपकरण बरामद कर क्लीनिक सील किया गया, लेकिन इस मामले में भी कोई ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बाद में मामला दबा दिया गया और संचालक दोबारा क्लीनिक खोलने की तैयारी में है।
अवैध पैथोलॉजी सेंटरों पर भी सवाल
क्षेत्र में सीएचसी के आसपास कई अवैध पैथोलॉजी सेंटर संचालित हो रहे हैं। आरोप है कि नियमों को दरकिनार कर इन सेंटरों में जांच की जा रही है, जिससे मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि कुछ डॉक्टर इन सेंटरों से जांच लिखकर कमीशन ले रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो ऐसे झोलाछाप और अवैध पैथोलॉजी सेंटर आम जनता के लिए गंभीर खतरा बने रहेंगे।


















