खीरों, रायबरेली। शनिवार देर शाम आए भीषण तूफान ने क्षेत्र में भारी तबाही मचाई। तेज आंधी के चलते कई पेड़ जड़ से उखड़ गए, जिससे पशुधन का नुकसान हुआ और एक किसान गंभीर रूप से घायल हो गया। साथ ही खेतों में खड़ी गेहूं की फसल भी बड़े पैमाने पर गिर गई।
गहराखेड़ा मजरे धुराई गांव में तूफान के दौरान एक नीम का विशाल पेड़ उखड़कर गिर पड़ा। पेड़ के नीचे बंधी किसान भीखा पुत्र प्रभु की भैंस उसकी चपेट में आ गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं मदनापुर मजरे धुराई गांव में किसान सुखदीन पुत्र रामनरायन की दुधारू गाय गूलर के पेड़ के नीचे बंधी थी।
तेज हवा के कारण पेड़ गिरने से गाय भी दब गई और उसकी भी मौत हो गई। किसान ने बताया कि गाय ने चार महीने पहले ही बछड़े को जन्म दिया था।
इसी गांव के किसान सरवन पुत्र रामगोपाल तूफान के समय अपने छप्पर के नीचे लेटे थे। अचानक तेज हवा से छप्पर गिर पड़ा, जिससे उनका पैर टूट गया। गंभीर हालत में उन्हें सीएचसी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया।
तेज तूफान का असर खेतों में भी साफ दिखाई दिया। सैकड़ों बीघा गेहूं की खड़ी फसल जमीन पर गिर गई, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। नोनैरा निवासी किसान संजय ने बताया कि अचानक आए तूफान से फसल पूरी तरह प्रभावित हुई है और अब कटाई में भी देरी होगी।
अचानक आए इस तूफान ने क्षेत्र के किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। पशुधन और फसल दोनों के नुकसान से ग्रामीणों में चिंता का माहौल है।


















