रायबरेली। जनपद के सरेनी से भोजपुर जाने वाले मुख्य मार्ग पर सतवां खेड़ा गांव के पास स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। यहां पुलिया टूट जाने से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बनी सड़क धंस गई है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए आवागमन जोखिम भरा हो गया है। किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार यह मार्ग क्षेत्र का प्रमुख संपर्क मार्ग है, जहां से प्रतिदिन सैकड़ों लोग गुजरते हैं। इसके बावजूद पुलिया क्षतिग्रस्त होने के कई दिन बाद भी मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया, जिससे लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीण अन्ना (निवासी सतवां खेड़ा) ने बताया कि चार-पांच दिन पहले एक रिक्शा सड़क धंसने के कारण पलट गया था, जिसमें सवार लोग घायल हो गए थे। उन्होंने कहा कि इस मार्ग से कई जनप्रतिनिधि और वीआईपी भी आते-जाते हैं, लेकिन किसी ने भी इस समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया।
वहीं ग्रामीण राजेश कुमार का कहना है कि सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि यहां आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। विशेष रूप से रिक्शा और मोटरसाइकिल सवारों के लिए यह रास्ता बेहद खतरनाक बन गया है।
सबसे बड़ी चिंता पास स्थित बेनीमाधव स्कूल के छात्रों को लेकर है। इस जर्जर मार्ग से रोजाना स्कूली बच्चे गुजरते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। अभिभावकों में इसको लेकर खासा डर और आक्रोश देखा जा रहा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के विधायक राजा अजय सिंह भी हाल ही में इस मार्ग से गुजरे, लेकिन समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। जिला पंचायत और संबंधित विभागों पर भी लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं।
इस संबंध में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जुड़े अधिकारी उत्कर्ष से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द मरम्मत कार्य शुरू नहीं कराया गया, तो वे धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। लोगों का कहना है कि किसी बड़े हादसे की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।


















