- प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही बोले- डबल इंजन सरकार राष्ट्रनायकों को दिला रही सम्मान, स्मारक स्थल पर उमड़ी भीड़
रवि सोनी
बहराइच। चक्रवर्ती सम्राट राष्ट्रवीर महाराजा सुहेलदेव के विजय उत्सव के अवसर पर शनिवार देर शाम चित्तौरा झील तट स्थित स्मारक स्थल पर आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम का रंगारंग शुभारंभ हुआ।
कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान विभाग के मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने फीता काटकर किया।

इस दौरान प्रज्ञा त्रिपाठी, पदमसेन चौधरी, राजेश सिंह सेंगर, सुभाष त्रिपाठी, सुरेश्वर सिंह, सरोज सोनकर, राम निवास वर्मा, बृजेश पाण्डेय, अक्षय त्रिपाठी और विश्वजीत श्रीवास्वत समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के शुभारंभ के बाद प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने स्मारक परिसर में लगे विभिन्न विभागों के प्रदर्शनी स्टॉल और फूड कोर्ट का अवलोकन किया।
इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, कृषि, उद्यान, उद्योग, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, मत्स्य, हथकरघा और सूचना विभाग के स्टॉलों की जानकारी भी ली।
इसके बाद आडिटोरियम में दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण के साथ मुख्य समारोह की शुरुआत हुई। समारोह को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि महाराजा सुहेलदेव जैसे वीर योद्धा को इतिहास में वह सम्मान नहीं मिल पाया जिसके वे हकदार थे, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार राष्ट्रनायकों को सम्मान दिलाने का कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि बहराइच में महाराजा सुहेलदेव के नाम पर भव्य स्मारक और मेडिकल कॉलेज का निर्माण विरासत और विकास की नीति का प्रतीक है। मंत्री ने कहा कि जिन्होंने धर्म और देश की रक्षा के लिए संघर्ष किया, उन्हें सम्मान मिलना ही चाहिए।
समारोह में वक्ताओं ने महाराजा सुहेलदेव के युद्ध कौशल और विदेशी आक्रांताओं के खिलाफ उनके संघर्ष का भी उल्लेख किया। वक्ताओं ने कहा कि महाराजा सुहेलदेव ने सीमित सेना के बावजूद विदेशी आक्रांताओं को पराजित कर इतिहास रच दिया था।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न शिक्षण संस्थानों की छात्राओं, स्थानीय कलाकारों और संस्कृति विभाग की टीमों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर माहौल को देशभक्ति और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया।
समारोह के अंत में जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने सभी अतिथियों और आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, छात्र-छात्राएं, अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।













