- देशभक्ति गीत, लोकगायन और दिव्यांग बच्चों की प्रस्तुति ने बांधा समां, दर्शकों ने जमकर की सराहना
रवि सोनी
बहराइच। चक्रवर्ती सम्राट राष्ट्रवीर महाराजा सुहेलदेव के विजय उत्सव के अवसर पर शनिवार देर शाम स्मारक स्थल स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में लोक संस्कृति, देशभक्ति और सामाजिक संदेशों से भरपूर प्रस्तुतियों की धूम रही। कार्यक्रम में संस्कृति विभाग के कलाकारों के साथ स्थानीय विद्यालयों के बच्चों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान संस्कृति विभाग से जुड़े कलाकारों वन्दना मिश्रा एंड पार्टी, सुरेश कुशवाहा एंड पार्टी तथा सुचित्रा पाण्डेय एंड पार्टी ने लोकगायन, भजन और देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति देकर माहौल को भक्तिमय और उत्साहपूर्ण बना दिया।

कार्यक्रम में बाबा सुन्दर सिंह मूक बधिर विद्यालय के दिव्यांग बच्चों ने “मेरे देश की धरती सोना उगले” गीत सहित कई प्रस्तुतियां देकर लोगों को भावुक कर दिया। दिव्यांग बच्चों के आत्मविश्वास और साहसिक प्रस्तुति की दर्शकों ने जमकर सराहना की।
सांस्कृतिक संध्या में परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भी अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। ब्लॉक फखरपुर के प्राथमिक विद्यालय के बच्चों ने योगासन की प्रस्तुति दी, जबकि कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय तेजवापुर की छात्राओं ने “देश की माटी सोना उगले” और “पप्पा जल्दी घर आ जाना” जैसे गीतों पर समूह नृत्य प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं।

वहीं गुरू कृपा डिवाइन ग्रेस पब्लिक स्कूल के बच्चों ने समूह गीत “लक्ष्य” और गणेश वंदना प्रस्तुत की, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
इसके अलावा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं ने “भारत की बूटी” गीत की प्रस्तुति दी। विद्यालय की छात्रा रोशनी ने बालिका सशक्तिकरण पर आधारित अपनी स्वरचित कविता का पाठ कर उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
पूरे कार्यक्रम के दौरान ऑडिटोरियम में मौजूद दर्शकों ने कलाकारों और बच्चों की प्रस्तुतियों का तालियों के साथ उत्साहवर्धन किया। सांस्कृतिक संध्या ने महाराजा सुहेलदेव विजय उत्सव को यादगार बना दिया।













