रायबरेली: मरीज को सीधे SGPGI रेफर करने पर विवाद, परिजनों की गुहार के बाद जिला अस्पताल भेजा गया

  • खीरों सीएचसी में आधे घंटे तक परेशान रहे परिजन, डॉक्टर पर संवेदनहीनता का आरोप, पत्रकार के हस्तक्षेप के बाद बदला गया रेफरल

रायबरेली। खीरों क्षेत्र के दुकनहा गांव निवासी एक वृद्ध की तबीयत पिछले कुछ समय से खराब चल रही थी। शुक्रवार को हालत बिगड़ने पर वृद्ध की बेटी और पत्नी उसका इलाज कराने के लिए सीएचसी ले गए। सीएचसी की इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टर ने वृद्ध को प्राथमिक उपचार के बाद एसजीपीजीआई लखनऊ के लिए रेफर कर दिया।

बीमार वृद्ध की बेटी और पत्नी डॉक्टर से लगातार इस बात की गुजारिश करते रहे कि बगैर एंबुलेंस के उन्हें अपने मरीज को लखनऊ ले जाना मुश्किल है। उनके मरीज को जिला अस्पताल के लिए रेफर किया जाए, जिससे कि उन्हें एंबुलेंस की सुविधा मिल सके। पर डॉक्टर का दिल नहीं पसीजा।

लगभग आधा घंटे तक मरीज तड़पता रहा। डॉक्टर के ऊपर इसका कोई असर नहीं पड़ा। एक क्षेत्रीय पत्रकार ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए डॉक्टर से इस बारे में बात किया। इसके बाद वृद्ध मरीज को जिला अस्पताल रेफर किया गया।

दुकनहा निवासी बच्चऊनू (60 वर्ष) पुत्र स्व.संकठा की बेटी सरस्वती ने बताया कि उसके पिता को पिछले कुछ समय से लीवर में कुछ समस्या रहती है। लखनऊ के किसी निजी अस्पताल में उनका इलाज कराया जा रहा है। शुक्रवार को तबीयत अचानक बिगड़ने पर उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए सीएचसी ले जाया गया। सीएचसी की इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद उनके पिता को एसजीपीजीआई लखनऊ के लिए रेफर कर दिया।

बेटी सरस्वती और पत्नी सरजू देवी ने डॉक्टर से गुजारिश किया कि वे लोग लखनऊ जाने में सक्षम नहीं हैं क्योंकि लखनऊ के लिए सीएचसी से एंबुलेंस मुहैया नहीं है। वृद्ध की बेटी डॉक्टर से लगातार अपने पिता को रायबरेली जिला अस्पताल के लिए रेफर करने की गुजारिश करती रही। लगभग आधा घंटा समय बीतने के बाद भी डॉक्टर का दिल नहीं पसीजा।

मरीज दर्द के मारे तड़पता रहा। जानकारी होने पर क्षेत्र के एक पत्रकार ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए डॉक्टर से इस बारे में बात किया। इसके बाद डॉक्टर द्वारा वृद्ध को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिसके बाद परिजनों ने राहत की सांस ली। एंबुलेंस मुहैया होने पर परिजन मरीज को लेकर जिला अस्पताल चले गए।

वहां उसका इलाज चल रहा है। इस बारे में डॉक्टर मनोज मिश्रा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि सीएमओ से प्राप्त एक पत्र में कहा गया है कि गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को एसजीपीजीआई लखनऊ के लिए रेफर किया जाए।

साधारण मरीजों को भी करते रेफर

डॉ.मनोज मिश्रा अपनी मनमानी कार्यशैली और सीएचसी में सबसे ज्यादा संख्या में मरीजों को रेफर करने के लिए पूरे क्षेत्र में चर्चित हैं। उनकी मूल तैनाती दृगपालगंज में है। दृगपलगंज पीएचसी ज्यादातर फार्मासिस्ट के भरोसे रहती है।

पीएचसी के डॉक्टर से सीएचसी में करा रहे ड्यूटी

पीएचसी दृगपालगंज में तैनाती के बावजूद सीएचसी में हफ्ते में दो दिन इमरजेंसी ड्यूटी करने और अगले दिन डे-ऑफ पर रहने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि सीएचसी अधीक्षक ने उनकी ड्यूटी रोस्टर में लगा रखी है। इस वजह से यहां पर ड्यूटी करनी पड़ रही है।

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