शकील अहमद
सरोजनीनगर (लखनऊ)। न्यू हनुमानपुरी स्थित श्री बालाजी मंदिर संकट मोचन धाम में मंदिर का तृतीय स्थापना दिवस श्रद्धा, भक्ति और सेवा के वातावरण में धूमधाम से मनाया गया। 12 जून से शुरू हुए दो दिवसीय धार्मिक महोत्सव का समापन 13 जून को विशाल भंडारे और भव्य जागरण के साथ हुआ। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर भगवान श्री बालाजी महाराज के दर्शन किए और महाप्रसाद ग्रहण किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातःकाल सुंदरकांड पाठ, हनुमान चालीसा और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन के साथ हुआ। मंदिर के मुख्य पुजारी तीर्थराज त्रिपाठी महाराज और सह पुजारी अंश वाजपेयी ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। दिनभर श्रद्धालुओं ने श्री बालाजी महाराज, श्री प्रेतराज सरकार तथा श्री कोतवाल कप्तान भैरव जी महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
रात्रि में आयोजित भव्य भजन संध्या और जागरण कार्यक्रम ने पूरे मंदिर परिसर को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया। प्रसिद्ध भजन गायक अंशु गोस्वामी ‘पागल बाबा’, गायक अमित जायसवाल, गायिका वर्तिका तिवारी तथा भजन गायिका ज्योति गोस्वामी ‘श्याम पगली’ ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को देर रात तक भक्ति रस में डुबोए रखा। कलाकारों ने भगवान श्रीराम, संकटमोचन हनुमान और श्री बालाजी महाराज की महिमा का गुणगान करते हुए माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।
इस अवसर पर मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत सज्जा और रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया था। शाम होते ही पूरा परिसर रोशनी से जगमगा उठा और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
कार्यक्रम में सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की टीम, वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व जिलाध्यक्ष संजय सिंह चौहान, पूर्व विधायक सुरेश चंद्र तिवारी, वरिष्ठ भाजपा नेता राजेश सिंह चौहान, बंथरा थाना प्रभारी राणा, पत्रकार अजय, अनूप सिंह, विकल शुक्ला, सरोजनीनगर थाना प्रभारी राजदेव राम प्रजापति, कांग्रेस जिला अध्यक्ष रुद्र दमन सिंह ‘बबलू’, पूर्व प्रधान संघ अध्यक्ष राकेश कुमार सिंह, व्यापार मंडल प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
श्री बालाजी संकट मोचन धाम ट्रस्ट के अध्यक्ष आनंद सिंह चौहान एवं आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने सभी श्रद्धालुओं, क्षेत्रवासियों और सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों को सशक्त बनाने का कार्य करते हैं।
तृतीय स्थापना दिवस समारोह श्रद्धालुओं के लिए आस्था, सेवा और भक्ति का एक अविस्मरणीय महोत्सव बनकर संपन्न हुआ।













