रायबरेली। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य पूनम द्विवेदी ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में महिला उत्पीड़न एवं समस्याओं से संबंधित मामलों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने घरेलू हिंसा, यौन उत्पीड़न, वैवाहिक विवाद, लैंगिक भेदभाव, शिक्षा व रोजगार से जुड़ी शिकायतें सुनते हुए अधिकारियों को सभी प्रकरणों पर शीघ्र व गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
महिला जनसुनवाई में कुल 21 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनके निस्तारण के लिए सीओ सिटी, महिला थाना अध्यक्ष सहित संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
पूनम द्विवेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार महिलाओं तथा बच्चों से जुड़े मामलों में विलंब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने बताया कि सभी पीड़ित महिलाओं को निःशुल्क विधिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
महिलाओं से जुड़ी योजनाओं का प्रचार-प्रसार तेज करने के निर्देश
बैठक के दौरान सदस्य ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिला कल्याण से संबंधित सभी योजनाओं का प्रचार-प्रसार ग्राम पंचायत स्तर तक सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं अपने अधिकारों और सरकारी सुविधाओं की जानकारी प्राप्त कर सकें। जिन मामलों में कार्रवाई लंबित है, उन्हें भी आयोग के संज्ञान में लाने के निर्देश दिए गए।
हरचंदपुर में जागरूकता चौपाल में हुई सहभागिता
कलेक्ट्रेट बैठक के बाद महिला आयोग की सदस्य ने विकास खंड हरचंदपुर स्थित सभागार में आयोजित जागरूकता चौपाल में भाग लिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना प्राथमिकता है। संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि महिला उत्पीड़न और जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार ग्रामीण क्षेत्रों में किया जाए।
अधिकारियों की मौजूदगी
इस अवसर पर जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी मोहन त्रिपाठी, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी महिमा, समाज कल्याण अधिकारी सृष्टि अवस्थी, महिला चिकित्सा अधीक्षक, एनआरएलएम टीम, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी तथा अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।


















