रायबरेली। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार 13 दिसंबर 2025 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए जिला न्यायालय रायबरेली में महत्त्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अमित पाल सिंह ने की।
बैठक में यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि
अधिक से अधिक लंबित वादों का निस्तारण किया जाए तथा पिछली लोक अदालत की सफलता को और बेहतर रूप में दोहराया जाए।
मुख्य बिंदु
• लंबित मामलों के तेज निस्तारण की रूपरेखा तय
• समस्त न्यायिक अधिकारियों को कार्ययोजना लागू करने के निर्देश
• अधिकतम निस्तारण सुनिश्चित करने हेतु सुझाव आमंत्रित
• लोक अदालत में लोगों की सहभागिता बढ़ाने पर जोर
विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा समीक्षा
अपर जिला जज/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अनुपम शौर्य ने उ.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से प्राप्त दिशानिर्देशों के क्रम में विभिन्न श्रेणी के न्यायालयों में लंबित वादों की समीक्षा प्रस्तुत की।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों का आपसी समझौते से निस्तारण कराया जाएगा, जिससे वादकारियों को त्वरित एवं सुलभ न्याय मिल सके।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिशा, प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीडी) अमोद कंठ, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-चतुर्थ डॉ. विवेक कुमार-द्वितीय, द्वितीय अपर सिविल जज (सीडी) स्वप्निल पाण्डेय, अन्य न्यायिक मजिस्ट्रेटगण उपस्थित रहे।
जिला न्यायालय प्रशासन ने आम जनमानस से भी अपील की है कि विवादों के शीघ्र समाधान के लिए 13 दिसंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का अधिकाधिक लाभ उठाएँ।


















