सौरभ जायसवाल
आनंदनगर / महराजगंज। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए कानून को लागू कराने की मांग को लेकर मंगलवार को फरेंदा क्षेत्र के धानी ढाला पर एससी, एसटी और ओबीसी समुदाय से जुड़े लोगों ने एकजुट होकर जन आक्रोश रैली निकाली। रैली में बड़ी संख्या में लोगों ने हाथों में तख्तियां लेकर भाग लिया और यूजीसी के नए नियमों के समर्थन में नारे लगाए।
रैली के बाद सभी प्रदर्शनकारी तहसील परिसर पहुंचे, जहां उन्होंने शैलेंद्र कुमार गौतम उपजिलाधिकारी फरेंदा के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में यूजीसी के नए कानून को लागू किए जाने की मांग की गई।
प्रदर्शनकारियों ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि उच्च शिक्षण संस्थानों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और दिव्यांग विद्यार्थियों के साथ शैक्षणिक स्तर पर भेदभाव और उत्पीड़न की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। ज्ञापन में कुछ पूर्व मामलों का हवाला देते हुए कहा गया कि ऐसी परिस्थितियों के कारण छात्र समुदाय में असंतोष और मानसिक दबाव की स्थिति बनी है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि 23 जनवरी 2026 को भारत सरकार द्वारा बनाए गए यूजीसी के नए कानून में एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग को शामिल किया गया है, जिसे इन वर्गों के हित में एक सकारात्मक कदम बताया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस कानून पर न्यायिक रोक लगने से छात्र समुदाय में निराशा है। उन्होंने मांग की कि कानून को पुनः लागू कर उच्च शिक्षा में वंचित वर्गों के शैक्षणिक और सामाजिक हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
रैली में सपा नेता डॉ. राजेश यादव, अरविंद मौर्य, आर.एल. मौर्य, राहुल शर्मा, कन्हैया गौतम (कान्हा), अमित रावण, जय भारत, पवन जाटव, प्रिंस जाटव, प्रिंस आजाद, भगौती यादव, कृष्ण मोहन यादव, रणविजय, गोलू पासवान, सतीश चौधरी, दीपक पाल, संजय राव, राजकुमार मौर्य, राजू चौरसिया, अजय यादव, रामकुमार सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।


















