लखनऊ हादसे के बाद रायबरेली में कोचिंग संस्थानों पर प्रशासन की सख्ती, 12 कोचिंग और लाइब्रेरी सील

  • एडीएम, एएसपी और आरडीए सचिव ने किया औचक निरीक्षण, अग्नि सुरक्षा और भवन मानकों की जांच

रायबरेली। लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में कोचिंग संस्थान में हुई दर्दनाक अग्निकांड की घटना के बाद रायबरेली प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका के निर्देश पर मंगलवार को जिले के विभिन्न कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी का सघन निरीक्षण किया गया। इस दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाए जाने पर रायबरेली विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने 12 कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी को सील कर दिया।

अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) सिद्धार्थ, अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह तथा अपर जिलाधिकारी न्यायिक एवं सचिव रायबरेली विकास प्राधिकरण विशाल कुमार यादव ने संयुक्त रूप से शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने संस्थानों में अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता, उनकी कार्यशीलता, आपातकालीन निकास द्वार, विद्युत वायरिंग, भवन की संरचनात्मक सुरक्षा तथा विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप व्यवस्थाओं का बारीकी से परीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान कई संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पूर्ण रूप से पालन नहीं पाया गया। इस पर अधिकारियों ने संबंधित संचालकों को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए और स्पष्ट चेतावनी दी कि लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, गंभीर अनियमितताएं मिलने पर रायबरेली विकास प्राधिकरण ने 12 कोचिंग संस्थानों एवं लाइब्रेरी को सील कर दिया।

जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी कोचिंग संचालकों को अग्नि सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने तथा समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित कराने के निर्देश दिए।

अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह ने कहा कि भीड़भाड़ वाले शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा के विशेष इंतजाम आवश्यक हैं। उन्होंने कोचिंग संचालकों को सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था मजबूत करने और आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित सूचना प्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए।

अधिकारियों ने यह भी कहा कि सभी संस्थान अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त करें और भवन निर्माण से संबंधित सभी मानकों का पालन सुनिश्चित करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए इस प्रकार के निरीक्षण अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे, ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी सदर गौतम सिंह, डिप्टी कलेक्टर सचिन यादव, फायर सेफ्टी ऑफिसर, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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