- एसपी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे पत्रकार, पुलिस अधीक्षक ने सीओ नौतनवा को सौंपी जांच, एक सप्ताह में कार्रवाई का दिया आश्वासन
सौरभ जायसवाल
महराजगंज। जिले के ठूठीबारी थानाध्यक्ष अमित सिंह पर एक पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोप को लेकर मंगलवार को जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब, महराजगंज के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान पुलिस अधीक्षक से तत्काल मुलाकात न होने पर संगठन के पदाधिकारी और सदस्य एसपी कार्यालय परिसर के बाहर धरने की मुद्रा में फर्श पर बैठ गए, जिससे पुलिस प्रशासन में हलचल मच गई।
जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्रवेश के दौरान मौजूद पुलिसकर्मियों ने संगठन के सदस्यों को यह कहते हुए गेट पर रोक दिया कि “जब साहब फ्री होंगे, तभी मुलाकात होगी।” इससे नाराज जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब के जिलाध्यक्ष अजय श्रीवास्तव अपने साथियों के साथ एसपी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्काल संगठन के पदाधिकारियों को अपने कार्यालय में बुलाकर उनकी बात सुनी। पत्रकार उत्पीड़न से जुड़े पूरे प्रकरण पर चर्चा के बाद उन्होंने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाते हुए नौतनवा क्षेत्राधिकारी (सीओ) को मामले की जांच सौंपने तथा एक सप्ताह के भीतर जांच पूरी कर नियमानुसार कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
ज्ञापन में बताया गया कि ठूठीबारी थाना क्षेत्र के पत्रकार दिनेश रौनियार के साथ भूमि विवाद से जुड़े एक मामले में थानाध्यक्ष अमित सिंह द्वारा कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया था। आरोप है कि इस घटना से मानसिक रूप से आहत होकर पत्रकार ने फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास भी किया था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ है।
जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब का आरोप है कि थानाध्यक्ष अमित सिंह के खिलाफ इससे पहले भी फरियादियों एवं आम लोगों के साथ कथित अमर्यादित व्यवहार के कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आ चुके हैं। इसके बावजूद उनके विरुद्ध अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि गैर जनपद स्थानांतरण होने के बाद भी उप निरीक्षक अमित सिंह महराजगंज जनपद में कार्यरत हैं।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार पुलिस अधिकारियों को फरियादियों के साथ संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार करने तथा पीड़ितों को न्याय दिलाने के निर्देश देती रही है। इसके बावजूद जिले में पुलिसकर्मियों द्वारा कथित दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आना गंभीर चिंता का विषय है।
जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित थाना प्रभारी के विरुद्ध कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि पत्रकारों और आम नागरिकों का पुलिस व्यवस्था पर विश्वास कायम रह सके।













