सौरभ जायसवाल
बृजमनगंज, महराजगंज। नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में अवैध अस्पतालों और पैथोलॉजी सेंटरों का जाल फैलता जा रहा है। आरोप है कि दर्जनों की संख्या में बिना मानकों और पंजीकरण के अस्पताल संचालित हो रहे हैं, जहां झोलाछाप डॉक्टर इलाज के नाम पर मरीजों से वसूली कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार कस्बा क्षेत्र, बांग्ला चौराहा, लेहरा स्टेशन, लेदवा चौराहा, सोनाबंदी चौराहा, बहादुरी बाजार और फूलमनहा बाजार समेत कई स्थानों पर अवैध अस्पताल संचालित हैं। इनमें से कई अस्पताल दो कमरों या किराए के मकानों में चलाए जा रहे हैं।
आरोप है कि इन अस्पतालों में न तो प्रशिक्षित स्टाफ नर्स मौजूद होती हैं और न ही योग्य तकनीशियन तैनात किए जाते हैं। गंभीर स्थिति यह है कि कुछ स्थानों पर आयुर्वेदिक डिग्री धारक व्यक्ति भी गंभीर मरीजों का ऑपरेशन तक कर रहे हैं। बताया जाता है कि जब मरीज की हालत बिगड़ती है, तो बाहर से विशेषज्ञ डॉक्टरों को बुलाया जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में संचालित कई नर्सिंग होम और अस्पताल बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे अवैध रूप से संचालित अस्पतालों के संचालकों के हौसले बुलंद हैं।
इस पूरे मामले ने न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि विभागीय कार्यशैली को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। क्षेत्र में दर्जनों ऐसे अस्पताल बताए जा रहे हैं, जो मानकों को ताक पर रखकर संचालित हो रहे हैं और अब तक कार्रवाई से बचते आए हैं।
इस संबंध में सीएमओ डॉ. नवनाथ प्रसाद ने बताया कि क्षेत्र में संचालित सभी नर्सिंग होम की जांच कराई जाएगी। जो भी केंद्र बिना पंजीकरण के संचालित पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बृजमनगंज में अवैध अस्पतालों का यह नेटवर्क स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करता है।


















