सौरभ जायसवाल
बृजमनगंज, महराजगंज। क्षेत्र के कस्बों और ग्रामीण इलाकों में इन दिनों फेरीवालों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। ये फेरीवाले गांव-गली और मोहल्लों में घूम-घूमकर विभिन्न प्रकार के सामान बेच रहे हैं, लेकिन इनकी गतिविधियों को लेकर अब कई गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इन फेरीवालों पर किसी भी प्रकार की निगरानी नहीं है। उनकी बढ़ती संख्या के साथ ही क्षेत्र में चोरी और अन्य संदिग्ध घटनाओं में भी इजाफा देखने को मिल रहा है।
सबसे चिंता का विषय यह है कि कई फेरीवाले लोगों से टूटे-फूटे या खराब मोबाइल फोन लेकर उसके बदले सामान दे रहे हैं। ग्रामीण बिना किसी जानकारी के अपने पुराने मोबाइल इन लोगों को दे रहे हैं, जिससे भविष्य में बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह फेरीवाले कहां से आते हैं, कितने दिन क्षेत्र में रहते हैं और जो मोबाइल वे ले जा रहे हैं, उनका उपयोग किस प्रकार किया जाता है, इसकी कोई जानकारी नहीं होती। ऐसे में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
लोगों ने आशंका जताई है कि यदि ये मोबाइल किसी आपराधिक गतिविधि या साइबर अपराध में इस्तेमाल होते हैं, तो अनजाने में मोबाइल देने वाले लोग भी कानूनी दायरे में आ सकते हैं।
इसके अलावा कई स्थानों पर फेरीवालों के आने के बाद चोरी की घटनाएं सामने आने की भी चर्चा है, जिससे ग्रामीणों में भय का माहौल है। स्थानीय लोगों ने यह भी सवाल उठाया है कि क्षेत्र में घूमने वाले इन फेरीवालों का पुलिस द्वारा सत्यापन क्यों नहीं कराया जा रहा है।
इस संबंध में पुलिस क्षेत्राधिकारी फरेंदा अनिरुद्ध कुमार ने लोगों से अपील की है कि वे अपने पुराने मोबाइल फेरीवालों को न दें। उन्होंने चेतावनी दी कि मोबाइल में मौजूद डाटा का दुरुपयोग कर साइबर ठगी जैसी घटनाओं को अंजाम दिया जा सकता है।
बृजमनगंज क्षेत्र में फेरीवालों की बढ़ती गतिविधियां अब सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बनती जा रही हैं। ऐसे में प्रशासन और आमजन दोनों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।


















