शकील अहमद
लखनऊ। अमौसी–नादरगंज मार्ग पर लंबे समय से बनी भीषण जाम की समस्या से लोगों को आखिरकार राहत मिल गई है। नादरगंज औद्योगिक क्षेत्र और तेल कंपनियों के भारी वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग के कारण इस मार्ग पर आए दिन घंटों जाम लगता था और सड़क हादसे भी लगातार हो रहे थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे लगभग पांच दशक से इस गंभीर समस्या का सामना कर रहे थे, मगर समाधान अब जाकर दिखा है।
जाम की समस्या को दूर करने के लिए पुलिस आयुक्त लखनऊ अमरेन्द्र कुमार सेंगर, संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) बबलू कुमार के निर्देश पर पुलिस उपायुक्त दक्षिणी निपुण अग्रवाल और अपर पुलिस उपायुक्त दक्षिणी रल्लापल्ली वसन्थ कुमार के नेतृत्व में विशेष मुहिम चलायी गई। सहायक पुलिस आयुक्त कृष्णानगर रजनीश वर्मा ने ट्रांसपोर्टर्स तथा इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम सहित तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर प्रभावी रणनीति तैयार की।
निर्णय लिया गया कि पेट्रोल, डीजल व गैस टैंकरों की सड़क किनारे पार्किंग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और वाहनों के लिए वैकल्पिक पार्किंग स्थल निर्धारित किए जाएंगे। साथ ही टैंकर चालकों को सख्त निर्देश जारी किए गए कि वे किसी भी हाल में मुख्य मार्ग पर वाहन खड़ा न करें।
इन प्रयासों के बाद अमौसी–नादरगंज मार्ग अब पूरी तरह बाधा-मुक्त है और यातायात सुचारू रूप से संचालित हो रहा है। आपातकालीन सेवाओं को निर्बाध रास्ता मिलने से दुर्घटनाओं की संभावना में कमी आने के साथ ही लोगों का समय और ईंधन बच रहा है। क्षेत्रवासियों ने पुलिस की इस कार्रवाई को सराहनीय और ऐतिहासिक कदम बताया है।
एसीपी कृष्णानगर ने कहा कि यह सफलता पुलिस और स्थानीय नागरिकों के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने समस्या के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने पर थाना प्रभारी सरोजनीनगर राजदेव राम प्रजापति तथा नदरगंज चौकी प्रभारी वीर बहादुर दुबे की प्रशंसा भी की।


















