- नेपाल समेत कई जिलों से पहुंचे हजारों भक्त, भीड़ और यातायात व्यवस्था को लेकर श्रद्धालुओं ने जताई नाराजगी
सौरभ जायसवाल
बृजमनगंज, महराजगंज। बृजमनगंज थाना क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां लेहड़ा मंदिर में बुधवार को सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर तक पहुंचने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग गया, जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। भीषण गर्मी और भीड़ के बीच लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मंदिर में दर्शन के लिए गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संतकबीरनगर, देवरिया, कुशीनगर तथा पड़ोसी देश नेपाल समेत आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसके अलावा मंदिर परिसर स्थित धर्मशालाओं में मुंडन, उपनयन संस्कार, विवाह, कढ़ाई, हवन और कथा जैसे मांगलिक कार्यक्रम भी बड़ी संख्या में आयोजित किए गए।
श्रद्धालुओं ने मां लेहड़ा के जयकारों के साथ मंदिर में प्रवेश कर पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने चुनरी और सिंदूर चढ़ाकर मां का आशीर्वाद लिया, जबकि पुरुष श्रद्धालुओं ने नारियल, धूप, कपूर और अगरबत्ती अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की।
हालांकि, भारी भीड़ के कारण मंदिर परिसर और आसपास की सड़कों पर अव्यवस्था की स्थिति भी देखने को मिली।

कुछ श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया कि यातायात व्यवस्था सुचारु रखने और भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त पुलिस बल नजर नहीं आया, जिससे लोगों को जाम और धक्का-मुक्की जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
सिद्धार्थनगर से दर्शन के लिए आए मोहन गुप्ता ने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ मां के दर्शन करने पहुंचे थे, लेकिन मंदिर परिसर के आसपास चारों ओर जाम लगा हुआ था। उन्होंने कहा कि भीड़ के अनुपात में व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं दिखीं और उन्हें पुलिसकर्मी भी नजर नहीं आए।
वहीं मंदिर के पुजारी सचिन पांडेय ने बताया कि गर्मी की छुट्टियां और मांगलिक कार्यों का मौसम होने के कारण इन दिनों श्रद्धालुओं की संख्या काफी बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि मंदिर प्रशासन श्रद्धालुओं की सुविधाओं का पूरा ध्यान रख रहा है और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
उधर चौकी प्रभारी मृत्युंजय उपाध्याय ने बताया कि मंदिर परिसर में प्रतिदिन पुलिस बल तैनात रहता है और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी लगातार ड्यूटी पर रहते हैं। उन्होंने कहा कि बुधवार को श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में अधिक थी, फिर भी पुलिसकर्मी लोगों की सहायता और व्यवस्था बनाए रखने में जुटे रहे।













