- महिलाओं को ऑटो में बनाते थे निशाना, ज्वैलरी और बोलेरो बरामद
शकील अहमद
कृष्णानगर, लखनऊ। राजधानी लखनऊ में महिलाओं को ऑटो और टेंपो में निशाना बनाकर टप्पेबाजी करने वाले एक अन्तर्जनपदीय गिरोह का कृष्णानगर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह की सरगना समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 6 लाख रुपये कीमत की ज्वैलरी, नगदी और वारदात में इस्तेमाल की जाने वाली बोलेरो गाड़ी बरामद की है।

पुलिस के मुताबिक बीते कुछ दिनों में कृष्णानगर इलाके में महिलाओं के साथ टप्पेबाजी की कई घटनाएं सामने आई थीं। सबसे पहले 20 मई 2026 को सरोजनीनगर निवासी कृष्णा मिश्रा ने थाना कृष्णानगर में शिकायत दर्ज कराई थी कि अवध चौराहे पर ऑटो में बैठी कुछ महिलाओं ने धक्का-मुक्की के दौरान उनकी चैन पार कर दी।
इसके बाद 22 मई को उन्नाव निवासी रामकुमारी और चिनहट निवासी बबली भारती ने भी इसी तरह की घटनाओं की शिकायत दर्ज कराई। लगातार हो रही वारदातों को देखते हुए पुलिस उपायुक्त दक्षिणी के निर्देश पर चार टीमें गठित की गईं। साथ ही सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों को भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगाया गया।
करीब 150 सीसीटीवी फुटेज खंगालने और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने शुक्रवार को डूडा कॉलोनी आशाराम बापू मार्ग से गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बिन्दु उर्फ चिंकी, गीता देवी और नरसिंह के रूप में हुई है। तीनों मूल रूप से गोरखपुर जिले के रहने वाले हैं।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गिरोह की सरगना बिन्दु उर्फ चिंकी है। आरोपी अलग-अलग शहरों में होटल या झुग्गी बनाकर अस्थायी रूप से रहते थे और भीड़भाड़ वाले इलाकों में लोगों को निशाना बनाते थे।
आरोपियों ने बताया कि वे बिना नंबर प्लेट की बोलेरो गाड़ी से शहर में आते थे। भीड़भाड़ वाले चौराहों, मेट्रो स्टेशन और ऑटो स्टैंड के आसपास छोटे बच्चों के साथ खड़े होकर लोगों की रेकी करते थे। जैसे ही कोई महिला ऑटो या टेंपो में बैठती, गिरोह के सदस्य उसी वाहन में चढ़कर धक्का-मुक्की शुरू कर देते थे।
इसी अफरा-तफरी में दूसरे सदस्य बड़ी सफाई से चैन, मंगलसूत्र, पर्स और अन्य कीमती सामान चोरी कर लेते थे।
पूछताछ में आरोपियों ने कृष्णानगर मेट्रो स्टेशन और अवध चौराहे के पास हुई कई घटनाओं में शामिल होने की बात भी कबूल की है। पुलिस के अनुसार आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदलते रहते थे ताकि उन पर किसी को शक न हो सके।
आरोपियों ने पुलिस को यह भी बताया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वे लगातार अपना ठिकाना बदलते रहते थे और भीड़भाड़ वाले स्थानों को ही वारदात के लिए चुनते थे। घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी बोलेरो गाड़ी से मौके से फरार हो जाते थे, जिससे उन पर किसी को शक नहीं होता था।
कृष्णानगर की पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है और आरोपियों के खिलाफ आगे की विधिक कार्यवाई जारी है।













