- लखनऊ में इमामबाड़ों और ट्रस्ट संपत्तियों से जुड़े मुद्दों को लगातार उठा रहा सज्जाद टाइम्स, समाजसेवा और शिक्षा के क्षेत्र में भी सक्रिय
शकील अहमद
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में ट्रस्ट की जमीनों पर हो रहे कथित अवैध कब्जों और निर्माण कार्यों के खिलाफ आवाज उठाने में सज्जाद टाइम्स लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। पिछले कई वर्षों से सज्जाद टाइम्स विभिन्न धार्मिक और ट्रस्ट संपत्तियों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर लोगों को जागरूक करने का कार्य कर रहा है।
जमाल मिर्ज़ा, जो सज्जाद एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी के संचालक और सज्जाद टाइम्स के ब्यूरो चीफ हैं, ने अपने चैनल और अखबार के माध्यम से उन मामलों को सामने लाने का प्रयास किया जिन्हें अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता था।
चाहे मामला लज़ीज़ गली का हो, छोटे इमामबाड़े के किचन का, ट्रस्टी रूम का या फिर रूमी दरवाजा के पास बनाई जा रही पार्किंग का- सज्जाद टाइम्स ने इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर जनता के सामने तथ्य रखने का प्रयास किया। इससे पहले बड़े इमामबाड़े के पीछे सरकारी जमीन पर कथित कब्जे का मामला भी सज्जाद टाइम्स द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था, जिसके बाद लोगों का ध्यान इस ओर गया।
इस मुहिम में विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों, अधिवक्ताओं तथा मौलाना कल्बे जव्वाद की सरपरस्ती में जुड़े मौलानाओं का सहयोग भी महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। जमाल मिर्ज़ा ने कहा कि किसी भी बड़े सामाजिक कार्य को अकेले अंजाम देना संभव नहीं होता। समाज के लोग जब एकजुट होकर आगे आते हैं तभी बदलाव संभव हो पाता है।
उन्होंने कहा कि “एकता ही सबसे बड़ी ताकत है” और इसी एकजुटता ने कई अहम मुद्दों को आवाज देने का काम किया है।
उन्होंने बताया कि वह खुद रॉयल फैमिली ऑफ अवध से ताल्लुक रखते हैं और लंबे समय से समाज सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दरगाह हज़रत अब्बास परिसर में कंप्यूटर इंस्टीट्यूट भी संचालित किया जा रहा है, जहां बच्चों और युवाओं को आधुनिक कंप्यूटर शिक्षा दी जाती है, ताकि उन्हें भविष्य में बेहतर अवसर मिल सकें।
सज्जाद एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी द्वारा शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और जनहित के मुद्दों पर किए जा रहे कार्यों की शहर में लगातार सराहना की जा रही है।













