- कृष्णानगर पुलिस और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई, ज्वैलरी, नकदी, लूटा गया सामान और तीन वाहन बरामद
शकील अहमद
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में लगातार हो रही लूट और छिनैती की वारदातों का पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए एक अंतर्राज्यीय अपराधी गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना कृष्णानगर पुलिस और दक्षिणी जोन की सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में गिरोह के सात शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से ज्वैलरी, नकदी, लूटी गई सिगरेट का थैला तथा घटना में प्रयुक्त एक अर्टिगा कार और दो मोटरसाइकिलें बरामद की हैं।

पुलिस के अनुसार 28 मई 2026 को कृष्णानगर थाना क्षेत्र में रामबाबू चौरसिया की मोटरसाइकिल पर रखा बैग दो बाइक सवार बदमाश लेकर फरार हो गए थे। इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी) के निर्देशन में चार विशेष टीमों का गठन किया गया। जांच के दौरान पुलिस टीमों ने 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और इलेक्ट्रॉनिक व मैनुअल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।

जांच के दौरान गिरोह के सरगना रोहन उर्फ गुड्डू और उसके साथी साहिल को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया। बाद में उनकी निशानदेही पर गिरोह के पांच अन्य सदस्यों को भी दबोच लिया गया। पुलिस के मुताबिक सभी आरोपी दिल्ली के रहने वाले हैं और संगठित तरीके से विभिन्न शहरों में लूट और छिनैती की घटनाओं को अंजाम देते थे।
बाइक राइडर बनकर करते थे रेकी
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य पहले अर्टिगा कार से किसी क्षेत्र की रेकी करते थे। संभावित शिकार की पहचान होने के बाद मोटरसाइकिलों से पहुंचकर वारदात को अंजाम देते थे। पहचान छिपाने के लिए बाइक की नंबर प्लेट पर सफेद स्प्रे कर दिया जाता था, जिससे सीसीटीवी फुटेज में वाहन नंबर स्पष्ट न दिखाई दे।
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वे लगातार अपना ठिकाना बदलते रहते थे और भीड़भाड़ तथा सुनसान दोनों प्रकार के स्थानों का इस्तेमाल करते थे। गिरोह के सदस्य ढाबों, सुलभ शौचालयों और झुग्गी-झोपड़ियों के आसपास अस्थायी ठिकाने बनाकर रहते थे। वे एक स्थान पर पांच से छह घंटे से अधिक नहीं रुकते थे और वारदात के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी नहीं करते थे।
उन्होंने बताया कि घटना को अंजाम देने के लिए अधिकतर मोटरसाइकिल का इस्तेमाल किया जाता था। वारदात के बाद प्रयुक्त बाइक को किसी सुनसान स्थान पर छोड़ दिया जाता था और गिरोह के अन्य सदस्य पहले से तैयार अर्टिगा कार से उन्हें लेकर फरार हो जाते थे, जिससे उन पर किसी को शक नहीं होता था।
कई वारदातों का खुलासा
पूछताछ में आरोपियों ने आशियाना क्षेत्र में चैन स्नैचिंग, सुशांत गोल्फ सिटी में मारपीट कर नकदी लूटने, पीजीआई क्षेत्र में महिला का पर्स छीनने, कृष्णानगर में चैन स्नैचिंग और एसकेडी अस्पताल के पास सिगरेट से भरे थैले की लूट समेत कई घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार की है।
पुलिस को आशंका है कि गिरोह ने लखनऊ के अलावा अन्य जिलों और राज्यों में भी कई वारदातों को अंजाम दिया है। इस संबंध में अन्य जनपदों से जानकारी जुटाई जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों में गिरोह का सरगना रोहन उर्फ गुड्डू पुत्र शिव कुमार, साहिल पुत्र सूरज उर्फ राना, रवि चौरसिया पुत्र आशीष चौरसिया, सुमित पुत्र गुरुस्वामी, अरुण उर्फ भुवन पुत्र रमेश, सुमित उर्फ लेफ्टी पुत्र रामकेश और समीर उर्फ अनुराग पुत्र कालीदास शामिल हैं। पुलिस के अनुसार सभी आरोपी दिल्ली के विभिन्न इलाकों के निवासी हैं।
गैंगस्टर एक्ट के तहत होगी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार सभी आरोपी संगठित अपराध में लिप्त हैं और इनमें से कई का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उनके पुराने मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।
कृष्णानगर पुलिस और दक्षिणी जोन की सर्विलांस टीम की इस कार्रवाई को राजधानी में सक्रिय एक बड़े अंतर्राज्यीय लूट एवं छिनैती गिरोह के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। इससे हाल के दिनों में हुई कई वारदातों के खुलासे की उम्मीद भी बढ़ गई है।













