कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त, डीएम ने दिए सख्त निर्देश

  • लखनऊ हादसे के बाद रायबरेली में सभी कोचिंग संस्थानों का होगा निरीक्षण, सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

रायबरेली। लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में एक कोचिंग संस्थान में आग लगने की दर्दनाक घटना के बाद रायबरेली प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर जनपद में संचालित कोचिंग एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि जिले के सभी कोचिंग संस्थानों का तत्काल निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए।

यह भी पढ़े: लखनऊ हादसे के बाद रायबरेली में कोचिंग संस्थानों पर प्रशासन की सख्ती, 12 कोचिंग और लाइब्रेरी सील

डीएम ने फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं की विशेष समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी संस्थानों में अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता और उनकी कार्यशीलता की जांच की जाए। साथ ही आपातकालीन निकास द्वार (इमरजेंसी एग्जिट), पर्याप्त वेंटिलेशन, सुरक्षित विद्युत वायरिंग तथा भवन की संरचनात्मक मजबूती का भी परीक्षण किया जाए।

उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोचिंग संस्थानों में विद्युत आपूर्ति से संबंधित किसी भी प्रकार की खामी को तत्काल दूर किया जाए, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को न्यूनतम किया जा सके।

जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों एवं नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित कोचिंग संस्थानों की सूची तैयार करने और उनका निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी संस्थान निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित हो रहे हैं। जो संस्थान नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

डीएम ने यह भी निर्देशित किया कि सभी कोचिंग संस्थान अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त करें तथा समय-समय पर मॉक ड्रिल आयोजित कर विद्यार्थियों और स्टाफ को आपात स्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित करें।

उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति न हो।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) सिद्धार्थ, सचिव रायबरेली विकास प्राधिकरण एवं अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) विशाल यादव सहित सभी उप जिलाधिकारी, नगर पालिका और नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी, फायर सेफ्टी विभाग, विद्युत विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Share this article

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts