पुलिस को प्रथम दृष्टया आत्महत्या की आशंका, फोरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार, अवैध तमंचा मिलने से उठे कई सवाल
सौरभ जायसवाल
परतावल (महराजगंज)। श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र स्थित विश्वशांति निकेतन डिग्री कॉलेज परिसर में कौशल विकास प्रशिक्षक की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। प्रशिक्षक का शव कॉलेज की छत पर खून से लथपथ हालत में मिला और उसके सिर में गोली लगी थी। घटनास्थल से एक अवैध देशी तमंचा भी बरामद हुआ है।
परिजनों ने इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए कॉलेज प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं और निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की है। वहीं पुलिस प्रथम दृष्टया इसे आत्महत्या का मामला मान रही है, हालांकि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है।
मृतक की पहचान कुशीनगर जनपद के रामकोला थाना क्षेत्र के कुसमा बिरौली निवासी 23 वर्षीय अजय यादव पुत्र केशव यादव के रूप में हुई है। अजय पिछले करीब छह माह से जेआईटीएम संस्था के माध्यम से कॉलेज परिसर में संचालित कौशल विकास कार्यक्रम के तहत हेल्थ केयर (नर्सिंग) का प्रशिक्षण दे रहा था। उसका अंतिम प्रशिक्षण बैच 27 जून को पूरा हुआ था और प्रशिक्षण संचालन के लिए उसने अपना स्टाफ भी रखा था।
पुलिस के अनुसार, गुरुवार देर रात करीब तीन बजे कॉलेज की छत से गोली चलने की आवाज सुनाई दी। उसी छत पर कुछ दूरी पर एक दाई और सात छात्राएं भी सो रही थीं। दाई के अनुसार, अजय ने रात में खाना भी नहीं खाया था। गोली चलने की आवाज सुनकर सभी घबरा गए और नीचे आ गए। सुबह अजय का शव छत पर पड़ा मिला। उसके सिर में गोली लगी थी और पैर के पास एक अवैध देशी तमंचा पड़ा हुआ था।
घटना की सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी, क्षेत्राधिकारी अंकुर गौतम, श्यामदेउरवा थाना प्रभारी सत्य प्रकाश सिंह और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने घटना के संबंध में छात्राओं, कॉलेज कर्मियों और अन्य संबंधित लोगों से भी पूछताछ की।
घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचे परिजनों ने कॉलेज प्रशासन पर हत्या कराने का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि अजय की मौत सामान्य घटना नहीं है और पूरे मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच की जानी चाहिए। उन्होंने घटना के सभी पहलुओं की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की है।
वहीं कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि अजय यादव को केवल प्रशिक्षण केंद्र संचालित करने के लिए कॉलेज परिसर में स्थान उपलब्ध कराया गया था। प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन जेआईटीएम संस्था के माध्यम से किया जा रहा था और कॉलेज की भूमिका केवल प्रशिक्षण के लिए स्थान उपलब्ध कराने तक सीमित थी।
क्षेत्राधिकारी अंकुर गौतम ने बताया कि घटनास्थल की स्थिति और प्रारंभिक फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर मामला प्रथम दृष्टया आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। उन्होंने बताया कि युवक के पास अवैध देशी तमंचा कैसे पहुंचा, इस बिंदु की भी गंभीरता से जांच की जा रही है।
फिलहाल कौशल विकास प्रशिक्षक की इस रहस्यमयी मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर परिजन हत्या का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिस प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर आत्महत्या की आशंका जता रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि अजय यादव की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई साजिश थी।













