रायबरेली में किशोरियों के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू होने को तैयार, ब्लॉक अधिकारियों का प्रशिक्षण पूर्ण

रायबरेली। जनपद में किशोरियों को सर्वाइकल (गर्भाशय) कैंसर से बचाव के उद्देश्य से ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।

अभियान की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए बुधवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय स्थित एएनएमटीसी में ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. नवीन चंद्रा ने की। उन्होंने बताया कि एचपीवी वैक्सीन का शुभारंभ संभवतः अगले सप्ताह माननीय प्रधानमंत्री द्वारा किया जा सकता है, जिसके बाद जनपद में व्यापक स्तर पर टीकाकरण अभियान प्रारंभ होगा। उन्होंने कहा कि सर्वाइकल कैंसर भारत में महिलाओं में होने वाला दूसरा प्रमुख कैंसर है और समय पर टीकाकरण से इस गंभीर बीमारी की रोकथाम संभव है।

यह भी पढ़े: वित्तीय वर्ष खत्म होने से पहले लक्ष्य पूरे करें: रायबरेली में मंत्री राकेश सचान की अधिकारियों को चेतावनी

डॉ. नवीन चंद्रा ने बताया कि एचपीवी टीकाकरण जिला महिला अस्पताल सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर उपलब्ध कराया जाएगा। यह सिंगल डोज टीका होगा, जिससे लाभार्थियों को केवल एक बार टीकाकरण की आवश्यकता होगी।

अभियान के प्रारंभिक तीन महीनों तक यह टीकाकरण सप्ताह के सभी कार्यदिवसों में संचालित किया जाएगा। इसके पश्चात इसे नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल कर प्रत्येक बुधवार एवं शनिवार को वर्षभर उपलब्ध रखा जाएगा।

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत 14 वर्ष आयु की वे सभी किशोरियां पात्र होंगी, जिन्होंने अपना 14वां जन्मदिन मना लिया है लेकिन 15वां जन्मदिन अभी नहीं मनाया है। उन्होंने जानकारी दी कि कुल जनसंख्या का लगभग एक प्रतिशत किशोरियां इस आयु वर्ग में आती हैं, जिनकी पहचान कर माइक्रोप्लान के अनुसार टीकाकरण किया जाएगा।

टीकाकरण के लिए पंजीकरण प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित होगी। अभिभावक स्वयं यू-विन पोर्टल पर पंजीकरण कर सकेंगे। पंजीकरण के बाद ओटीपी के माध्यम से डिजिटल सहमति प्रदान करनी होगी। आयु सत्यापन हेतु पहचान पत्र अनिवार्य होगा तथा टीकाकरण प्रमाणपत्र भी यू-विन पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकेगा।

राज्य परामर्शदाता (एचपीवी) मो. नसीम ने प्रशिक्षण सत्र का संचालन करते हुए टीकाकरण की तकनीकी प्रक्रिया, कोल्ड चेन प्रबंधन तथा रिपोर्टिंग प्रणाली की जानकारी दी।

जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी डी.एस. अस्थाना ने बताया कि टीकाकरण एएनएम, स्टाफ नर्स, एलएचवी (लेडी हेल्थ विजिटर) एवं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) द्वारा किया जाएगा। संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

संपूर्ण कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए विस्तृत माइक्रोप्लान तैयार किया जा रहा है, जिसमें प्रत्येक ब्लॉक और स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर जिम्मेदारियों का निर्धारण किया गया है।

उन्होंने बताया कि समुदाय में जागरूकता बढ़ाने के लिए आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। जन आरोग्य समितियों, महिला आरोग्य समितियों तथा अन्य सहयोगी संस्थाओं को भी अभियान से जोड़ा जाएगा, ताकि पात्र किशोरियों तक समय पर सूचना पहुंच सके और अधिकतम लाभार्थी टीकाकरण से आच्छादित हो सकें।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में डॉ. राकेश कुमार यादव (अर्बन नोडल), जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अंजली सिंह, डॉ. सी. लाल (डब्ल्यूएचओ), वंदना त्रिपाठी (डीएमसी, यूनिसेफ) सहित समस्त अधीक्षक, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, बीपीएम, एआरओ एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कुल 49 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण में भाग लिया।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि एचपीवी टीकाकरण अभियान किशोरियों के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समय पर टीकाकरण से सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अभियान के दौरान अपनी पात्र बेटियों का पंजीकरण कर टीकाकरण अवश्य कराएं।

Share this article

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts