ऑपरेशन सिंदूर पर विवाद: कांग्रेस नेता के बयान पर उमर अब्दुल्ला का बचाव, बोले- एक व्यक्ति के बयान से पूरी पार्टी को नहीं आंक सकते

'पार्टी की टिप्पणी नहीं': उमर अब्दुल्ला के सहयोगी ने पूर्व महाराष्ट्र सीएम की ओप सिन्दूर टिप्पणी पर कांग्रेस का बचाव किया; इसे चव्हाण की 'निजी राय' बताया

पृथ्वीराज चव्हाण की टिप्पणी पर सियासी घमासान

उमर अब्दुल्ला बोले- कांग्रेस नेतृत्व ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया

ऑपरेशन सिंदूर के बाद कांग्रेस सरकार और सेना के साथ खड़ी रही

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री एवं नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के वरिष्ठ नेता उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को कांग्रेस के सहयोगी दल के बचाव में बयान देते हुए कहा कि किसी एक नेता के बयान के आधार पर पूरी पार्टी को दोषी ठहराना गलत है। उन्होंने यह प्रतिक्रिया कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण की ऑपरेशन सिंदूर को लेकर की गई विवादास्पद टिप्पणी के संदर्भ में दी।

उमर अब्दुल्ला ने संवाददाताओं से कहा, “एक व्यक्ति ने बयान दिया है। इसका मतलब यह नहीं कि वही पूरी पार्टी की राय है। न कांग्रेस नेतृत्व, न राहुल गांधी, न प्रियंका गांधी और न ही मल्लिकार्जुन खड़गे ने ऐसा कुछ कहा है।”

उन्होंने आगे कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद कांग्रेस न केवल केंद्र सरकार बल्कि भारतीय सेना के साथ भी मजबूती से खड़ी रही है, और उसे आगे भी ऐसा ही करना चाहिए।

दरअसल, 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया था, जिसके तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इसके बाद दोनों देशों के बीच सीमित सैन्य तनाव देखने को मिला, जो 10 मई को संघर्षविराम के साथ समाप्त हुआ।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने यह बयान दिया था कि ऑपरेशन के पहले दिन भारत को नुकसान उठाना पड़ा और भारतीय लड़ाकू विमानों को गिराए जाने का दावा किया। इस बयान को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला, जबकि चव्हाण ने माफी मांगने से इनकार करते हुए कहा कि संविधान उन्हें सवाल पूछने का अधिकार देता है।

इसी बीच उमर अब्दुल्ला ने कांग्रेस के “वोट चोरी” अभियान पर भी स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि इसका इंडिया गठबंधन से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि “हर राजनीतिक दल अपने मुद्दे खुद तय करने के लिए स्वतंत्र है। कांग्रेस ने वोट चोरी और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को अपना मुख्य मुद्दा बनाया है, इसमें हम हस्तक्षेप नहीं कर सकते।”

गौरतलब है कि कांग्रेस के इस अभियान के बावजूद हालिया बिहार चुनावों में पार्टी और उसके सहयोगियों को हार का सामना करना पड़ा, जबकि भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने सत्ता बरकरार रखी।

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