शकील अहमद
सरोजनीनगर (लखनऊ)। टी.एस. मिश्रा विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ एलाइड एंड हेल्थकेयर साइंसेज द्वारा “वर्ल्ड लेबोरेटरी डे–2026” के अवसर पर एक दिवसीय वर्कशॉप एवं साइंटिफिक इनोवेशन कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
इस वर्ष की थीम “The Future is Lab: Embrace Innovation” रही, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रयोगशाला आधारित ज्ञान, नवाचार एवं व्यावहारिक कौशल से सशक्त बनाना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय की कार्यकारी निदेशिका परिनिति मिश्रा के मार्गदर्शन एवं डीन डॉ. नित्यानंद उपाध्याय की अध्यक्षता में हुआ। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के संकाय सदस्य, शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में परिनिति मिश्रा ने कहा कि आधुनिक शिक्षा में प्रयोगशाला आधारित प्रशिक्षण का विशेष महत्व है, जो छात्रों को तकनीकी दक्षता के साथ-साथ शोध और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।
वहीं डॉ. नित्यानंद उपाध्याय ने कहा कि भविष्य की वैज्ञानिक प्रगति प्रयोगशालाओं में विकसित होने वाले नवाचारों पर आधारित है, इसलिए विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न विषयों पर हैंड्स-ऑन वर्कशॉप आयोजित की गईं, जिनमें इम्यूनोलॉजी (ELISA तकनीक), माइक्रोबायोलॉजी (ग्राम स्टेनिंग, वाइडल टेस्ट, एंटीबायोटिक सेंसिटिविटी), बायोकैमिस्ट्री (मूत्र परीक्षण), हीमेटोलॉजी (सिकलिंग टेस्ट, हीमोग्लोबिन एस्टिमेशन, ESR, PCV) तथा हिस्टोलॉजी (H & E स्टेनिंग) प्रमुख रहीं।
इसके साथ ही वर्किंग मॉडल एग्जीबिशन, पोस्टर प्रेजेंटेशन एवं लैब कोट फैशन शो जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी वैज्ञानिक समझ व रचनात्मकता का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिताओं के परिणाम इस प्रकार रहे:
वर्किंग मॉडल एग्जीबिशन
प्रथम: टी.एस. मिश्रा विश्वविद्यालय, लखनऊ
द्वितीय: ईरा विश्वविद्यालय, लखनऊ
तृतीय: ईरा विश्वविद्यालय, लखनऊ
पोस्टर प्रेजेंटेशन
प्रथम: ईरा विश्वविद्यालय, लखनऊ
द्वितीय: टी.एस. मिश्रा विश्वविद्यालय, लखनऊ
तृतीय: इंटीग्रल विश्वविद्यालय, लखनऊ
लैब कोट फैशन शो
प्रथम: टी.एस. मिश्रा विश्वविद्यालय, लखनऊ
द्वितीय: रामा विश्वविद्यालय, कानपुर
तृतीय: टी.एस. मिश्रा विश्वविद्यालय, लखनऊ
इस आयोजन के प्रमुख उद्देश्यों में छात्रों के कौशल विकास, प्रयोगशाला अभ्यास में दक्षता, नवाचार को प्रोत्साहन, विशेषज्ञों के साथ संवाद तथा शोध उन्मुख दृष्टिकोण का विकास शामिल रहा।
कार्यक्रम के अंत में विजेताओं को मेडल एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया, जबकि सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र दिए गए।
समापन अवसर पर डॉ. नित्यानंद उपाध्याय ने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के कौशल विकास, नवाचार और शोध उन्मुख दृष्टिकोण को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


















