रायबरेली। सलोन तहसील क्षेत्र के कुढ़ा गांव में सड़क निर्माण के नाम पर हुए कथित भ्रष्टाचार ने एक बार फिर विकास कार्यों की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि हाल ही में बनी लगभग एक किलोमीटर लंबी डामर सड़क निर्माण के महज दूसरे ही दिन जगह-जगह से उखड़ने लगी, जिससे पूरे निर्माण कार्य की हकीकत सामने आ गई है।
ग्रामीणों द्वारा सोशल मीडिया पर वायरल किए गए वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि सड़क की ऊपरी परत हाथ से ही उखड़ रही है, जिसमें गिट्टी के साथ काले पदार्थ का नाममात्र लेप दिखाई देता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि डामर की जगह किसी निम्न गुणवत्ता वाले काले पदार्थ या मिलावटी सामग्री का उपयोग किया गया, जिससे सड़क टिक नहीं सकी।ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी करते हुए गिट्टी में मिट्टी और घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया तथा रोलर से केवल औपचारिकता निभाई गई।
परिणामस्वरूप सड़क बनने के तुरंत बाद ही टूटने और उखड़ने लगी। कुढ़ा गांव और आसपास के ग्रामीणों अर्पित सिंह, लवलेश सिंह, अनिल सिंह, भानू प्रताप सिंह, शमशेर सिंह, बब्लू पासी, अजय सिंह, बृजेश सिंह, लवली, सुरेश पासी सहित सैकड़ों लोगों ने निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार द्वारा सरकारी धन का खुलेआम दुरुपयोग करते हुए लाखों रुपये का चूना लगाया गया है। लोगों ने दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और सड़क की गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण की मांग की है।
यह मामला न केवल निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाता है, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करता है।


















