- जिलाधिकारी ने जिला स्वास्थ्य समिति की शासी निकाय की बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की समीक्षा की
- स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव एवं नियमित टीकाकरण पर दिया विशेष जोर
- आशा कार्यकर्ताओं के इंसेंटिव का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित कराने दिए गए निर्देश
रायबरेली। जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की शासी निकाय की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जनपद में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों एवं स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुखी बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित कराया जाए, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके तथा गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
उन्होंने नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की प्रगति की भी समीक्षा की तथा निर्देशित किया कि पात्र बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर पात्र लाभार्थी टीकाकरण से वंचित न रहें, इसके लिए विशेष अभियान चलाकर कार्य किया जाए।
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल देते हुए कहा कि सभी योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाया जाए। उन्होंने योजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी करने तथा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में आशा कार्यकर्ताओं के कार्यों एवं उनके लंबित प्रोत्साहन भुगतान (इंसेंटिव) की भी समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आशा कार्यकर्ताओं के इंसेंटिव का भुगतान समय से किया जाए तथा किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न होने पाए। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनके भुगतान संबंधी मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाना चाहिए।
आगामी 28 जून से प्रारम्भ होने वाले पल्स पोलियो अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अभियान को सफल बनाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान के संबंध में जनजागरूकता बढ़ाने हेतु सभी उपलब्ध माध्यमों का उपयोग किया जाए, ताकि अधिक से अधिक बच्चों तक पोलियो रोधी दवा पहुंचाई जा सके।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि बूथों की स्थापना, दवा की उपलब्धता, कार्मिकों की तैनाती एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूर्ण कर ली जाएं। साथ ही 28 जून को आयोजित होने वाले बूथ दिवस की सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से सुनिश्चित की जाएं।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग की निर्माणाधीन परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता एवं समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए तथा निर्माणाधीन परियोजनाओं को शीघ्र पूर्ण कराकर विभाग को हस्तांतरित कराया जाए, जिससे आमजन को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ समय से मिल सके।
एम्बुलेंस सेवाओं की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने रिस्पॉन्स टाइम पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की सफलता समय की उपलब्धता पर निर्भर करती है। यदि किसी भी स्तर पर एम्बुलेंस निर्धारित समय में मौके पर नहीं पहुंचती है अथवा लापरवाही की शिकायत प्राप्त होती है, तो उसकी जांच कराकर संबंधित वेंडर एवं जिम्मेदार के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ० नवीन चंद्रा, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अरविंद कुमार, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ० अरुण कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक संजीव कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुरेन्द्र कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।













