सरोजनीनगर की मेधावी सम्मान योजना बनी मिसाल, 4 वर्षों में 2 हजार से अधिक छात्रों का सम्मान

  • विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के ‘गाँव की शान, मेधावियों का सम्मान’ अभियान से शिक्षा को मिला नया प्रोत्साहन

शकील अहमद

लखनऊ। प्रदेश में मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र की मेधावी सम्मान योजना एक मिसाल बनकर उभरी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा हाल ही में बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं, उनके अभिभावकों और प्रधानाचार्यों को सम्मानित किए जाने के अवसर पर सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने शिक्षा और प्रतिभा सम्मान को लेकर अपने अभियान की उपलब्धियों को साझा किया।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि मेधावी विद्यार्थी ही विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत के भविष्य के निर्माता हैं। इसी सोच को आधार बनाकर चार वर्ष पूर्व सरोजनीनगर में मेधावी सम्मान योजना की शुरुआत की गई थी। इस पहल का उद्देश्य केवल पुरस्कार प्रदान करना नहीं, बल्कि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को पहचान देना, उनका उत्साहवर्धन करना और अन्य छात्रों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना है।

उन्होंने बताया कि “आपका विधायक आपके द्वार” कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित “गाँव की शान, मेधावियों का सम्मान” अभियान पिछले 169 सप्ताह से लगातार चल रहा है। इस अभियान के तहत प्रत्येक सप्ताह किसी गांव में आयोजित कार्यक्रम में दो मेधावी छात्र और दो मेधावी छात्राओं सहित कुल चार विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाता है।

विधायक ने बताया कि 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को साइकिल प्रदान की जाती है, जबकि 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं को लैपटॉप और टैबलेट देकर सम्मानित किया जाता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में यह पहल युवाओं को आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने की प्रेरणा दे रही है।

डॉ. राजेश्वर सिंह के अनुसार अब तक लगभग 2,000 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जा चुका है, जिनमें 1,800 से अधिक विद्यार्थियों को साइकिल, लैपटॉप और टैबलेट वितरित किए गए हैं। यह अभियान शिक्षा को जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने कहा कि सम्मानित होने वाले विद्यार्थी न केवल अपने परिवार और विद्यालय का गौरव बढ़ा रहे हैं, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रहे हैं। प्रतिभा का सम्मान और परिश्रम का प्रोत्साहन ही आत्मनिर्भर, सशक्त और विकसित समाज की मजबूत नींव है।

डॉ. राजेश्वर सिंह ने सभी मेधावी छात्र-छात्राओं, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि आज के ये प्रतिभाशाली विद्यार्थी ही कल के वैज्ञानिक, प्रशासक, शिक्षक, उद्यमी और राष्ट्र निर्माता बनेंगे। शिक्षा में निवेश ही भविष्य के भारत को मजबूत बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।

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