- बरसात के बीच बेघर किए जाने का आरोप, परिवार ने कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार; मामला न्यायालय में लंबित होने का दावा
आर. स्टीफन स्टेट हेड, छत्तीसगढ़
चिरमिरी (एमसीबी)। छत्तीसगढ़ के एमसीबी जिले के पोड़ी थाना क्षेत्र में एक परिवार को मकान खाली कराए जाने के मामले को लेकर विवाद सामने आया है। पीड़ित महिला अफसरी बेगम ने तहसीलदार चिरमिरी के नाम शिकायत पत्र देकर प्रशासनिक कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। महिला का आरोप है कि वह पिछले लगभग 20 से 25 वर्षों से उक्त मकान में अपने परिवार के साथ रह रही थी, लेकिन बरसात के मौसम में उसे और उसके परिवार को बेघर कर दिया गया।
पीड़ित पक्ष के अनुसार, एसडीएम चिरमिरी द्वारा तहसीलदार को मकान खाली कराने के संबंध में आदेश जारी किया गया था। इसके बाद राजस्व अमला मौके पर पहुंचा और शाम तक मकान खाली कराने की कार्रवाई की गई।
परिजनों ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि कार्रवाई के दौरान उनके घरेलू सामान को बाहर निकाल दिया गया, जिससे उन्हें खुले में रहने की नौबत आ गई। उनका यह भी आरोप है कि परिवार के पालतू जानवरों को भी वहां से हटा दिया गया, जिससे उन्हें अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

पीड़ित महिला के अधिवक्ता समर सिंह ने मीडिया को बताया कि संबंधित भूमि एवं मकान का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। उनका आरोप है कि एसडीएम के आदेश की कार्रवाई के दौरान जिस स्थान पर कार्रवाई होनी थी, उसके बजाय दूसरे स्थान का मकान खाली करा दिया गया। अधिवक्ता ने यह भी बताया कि पीड़ित महिला ने इस मामले में एमसीबी कलेक्टर को भी आवेदन देकर हस्तक्षेप और न्याय की मांग की थी।
पीड़ित परिवार का कहना है कि लगातार बारिश के बीच छोटे-छोटे बच्चों के साथ बेघर होने के कारण उन्हें गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। परिवार प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित न्याय दिलाने की मांग कर रहा है।
फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। संबंधित प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन होने का दावा किया जा रहा है। ऐसे में पूरे मामले के तथ्यों और प्रशासनिक कार्रवाई की वैधता का अंतिम निर्धारण सक्षम न्यायालय अथवा जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
पीड़ित परिवार ने मीडिया के माध्यम से अपनी आपबीती साझा करते हुए प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।













