यूपी पंचायत चुनाव में OBC आरक्षण पर आयोग सक्रिय, प्रदेशभर में होगा सर्वे और जनसंवाद

  • ग्रामीण निकायों में पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व का अध्ययन करेगा आयोग, छह माह में सरकार को सौंपेगा रिपोर्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण को लेकर गठित “उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग” ने अपना कार्य औपचारिक रूप से शुरू कर दिया है। कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देने के लिए आज लखनऊ स्थित नैमिषारण्य गेस्ट हाउस में पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष द्वारा एक प्रेसवार्ता आयोजित की गई।

आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने प्रेसप्रतिनिधयों से बताया कि पंचायती राज अनुभाग-3, उत्तर प्रदेश शासन की अधिसूचना के तहत गठित इस आयोग का कार्यकाल छह माह निर्धारित किया गया है। आयोग का उद्देश्य प्रदेश के ग्रामीण स्थानीय निकायों में पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व का समकालीन, अनुभवजन्य एवं विस्तृत अध्ययन कर सरकार को आवश्यक सिफारिशें प्रदान करना है।

उन्होंने बताया कि आयोग पंचायत चुनावों में आरक्षण व्यवस्था के लिए आवश्यक आंकड़ों, तथ्यों एवं सर्वेक्षण के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा। इसके अंतर्गत सभी जिलों का भ्रमण कर जिला एवं ब्लॉक स्तर पर बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिनमें जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से संवाद स्थापित कर आवश्यक जानकारी एकत्र की जाएगी। आयोग ग्रामीण निकायों में पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व तथा उनके अनुपातिक आरक्षण को लेकर विस्तृत अध्ययन करेगा।

आयोग के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त न्यायाधीश राम औतार सिंह ने कहा कि सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार पिछड़े वर्गों का अध्ययन कर आयोग की रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण प्रदान किया जाना आवश्यक है। नगर निकाय चुनाव इसी व्यवस्था के तहत कराए गए थे और अब पंचायत चुनावों के लिए इस आयोग का गठन किया गया है।

उन्होंने कहा कि आयोग राज्यभर का दौरा करेगा तथा संबंधित हितधारकों से संवाद स्थापित कर आवश्यक तथ्य जुटाएगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 1992 में ओबीसी आरक्षण का प्रावधान लागू किया गया था, जिसे कृष्णमूर्ति फैसले में चुनौती दी गई थी। आयोग का गठन त्रिस्तरीय परीक्षण की आवश्यकता को पूरा करने के उद्देश्य से किया गया है।

आयोग के सदस्य एवं सेवानिवृत्त न्यायाधीश ब्रजेश कुमार ने कहा कि आयोग आपत्तियां और सुझाव भी स्वीकार करेगा। आयोग जिलों और ब्लॉकों का दौरा कर खुले सत्र आयोजित करेगा, जहां आमजन से सीधे संवाद किया जाएगा। इन बैठकों में पिछड़े वर्गों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति पर भी चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि आयोग का कार्य आज से प्रारंभ हो गया है, हालांकि अभी दौरों की तिथियां एवं स्थान तय नहीं किए गए हैं।

प्रेस वार्ता में श्री डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया (सेवानिवृत्त) आईएएस व एस.पी. सिंह, (सेवानिवृत) आईएएस, निदेशक पंचायती राज विभाग अमित कुमार सिंह आईएएस तथा संयुक्त निदेशक संजय कुमार बरनवाल उपस्थित रहें।

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