उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के हरदोई से देश के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करते हुए प्रधानमंत्री ने इसे प्रदेश के विकास की “नई लाइफलाइन” बताया। उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क नहीं, बल्कि नए अवसरों, उद्योगों, निवेश और रोजगार का प्रवेश द्वार है, जो आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलने का काम करेगा।
कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता और गंगा मैया के जयघोष के साथ हुई। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह भूमि भगवान नरसिंह की पावन धरती है और यहां से कुछ दूरी पर बहने वाली गंगा का आशीर्वाद पूरे क्षेत्र पर बना हुआ है। उन्होंने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे भी उसी आशीर्वाद का परिणाम है, जो उत्तर प्रदेश को विकास की नई दिशा देगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे मां गंगा सदियों से भारत की जीवन रेखा रही हैं, उसी तरह यह एक्सप्रेसवे आधुनिक भारत में उत्तर प्रदेश के विकास की जीवन रेखा बनेगा। उन्होंने कहा कि अब इस एक्सप्रेसवे के जरिए लोग कम समय में प्रयागराज, काशी और अन्य धार्मिक स्थलों तक पहुंच सकेंगे, जिससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने बताया कि करीब 600 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से लेकर प्रयागराज तक फैला हुआ है, जो पश्चिमी, मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश को आपस में जोड़ता है। इसके माध्यम से मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज सहित कई जिलों को सीधा लाभ मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस एक्सप्रेसवे के बनने से प्रदेश के लाखों किसानों को सबसे अधिक फायदा होगा। पहले किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में काफी समय और लागत लगती थी। कोल्ड स्टोरेज और लॉजिस्टिक्स की कमी के कारण उनकी फसलें खराब हो जाती थीं या उन्हें उचित मूल्य नहीं मिल पाता था। लेकिन अब गंगा एक्सप्रेसवे के जरिए किसान कम समय में बड़े बाजारों तक अपनी उपज पहुंचा सकेंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।
उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे के दोनों ओर औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। हरदोई, शाहजहांपुर, उन्नाव समेत कई जिलों में नए उद्योग स्थापित होंगे। फार्मा, टेक्सटाइल और अन्य क्षेत्रों में निवेश बढ़ेगा, जिससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि यह परियोजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
प्रधानमंत्री ने डबल इंजन सरकार की कार्यशैली का जिo9oक्र करते हुए कहा कि पहले परियोजनाएं वर्षों तक फाइलों में अटकी रहती थीं, लेकिन अब समयबद्ध तरीके से काम पूरा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2021 में गंगा एक्सप्रेसवे का शिलान्यास किया गया था और कुछ ही वर्षों में इसका निर्माण पूरा कर लिया गया, जो सरकार की कार्यक्षमता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि अब इस एक्सप्रेसवे का विस्तार मेरठ से हरिद्वार तक करने की योजना है, जिससे इसे और अधिक उपयोगी बनाया जा सके। साथ ही फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के माध्यम से इसे अन्य प्रमुख मार्गों से भी जोड़ा जाएगा, जिससे यातायात और अधिक सुगम होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत “विकसित भारत” के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है और इसमें उत्तर प्रदेश की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर कई देश अस्थिरता और संकट का सामना कर रहे हैं, लेकिन भारत लगातार विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर इस विकास की मजबूत नींव है।
उन्होंने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट न केवल यातायात को आसान बनाते हैं, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी गति देते हैं। इसके माध्यम से नए शहर, औद्योगिक केंद्र और आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होगा, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
प्रधानमंत्री ने लोकतंत्र के महत्व पर भी जोर देते हुए कहा कि देश में चुनाव प्रक्रिया मजबूत हो रही है और लोग निर्भीक होकर मतदान कर रहे हैं। उन्होंने इसे भारत के मजबूत लोकतंत्र का प्रतीक बताया।
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने प्रदेशवासियों को गंगा एक्सप्रेसवे के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह परियोजना आने वाले समय में उत्तर प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश के लोग अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर इन अवसरों को साकार करेंगे और “विकसित भारत” के लक्ष्य को प्राप्त करने में अहम योगदान देंगे।


















